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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने रेडियो प्रसारण में गुजरात के किसान, महिला गाइड का किया उल्लेख

By भाषा | Updated: February 28, 2021 18:19 IST

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अहमदाबाद, 28 फरवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पाटन जिले के एक प्रगतिशील किसान कामराज चौधरी की रविवार को प्रशंसा की जो सूक्ष्म सिंचाई और जैविक कृषि तकनीकों का उपयोग करके सहजन उगाते हैं।

मोदी ने अपने मासिक 'मन की बात' प्रसारण में गुजरात के नर्मदा जिले में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की एक महिला टूरगाइड का भी उल्लेख किया जो धाराप्रवाह संस्कृत बोलती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पाटन के लुखासन गांव के किसान चौधरी ऐसे लोगों का उदाहरण हैं, जो ‘‘प्रयोगशाला से खेत’’ के मंत्र के साथ इसे आगे बढ़ाते हुए विज्ञान का दायरा बढ़ा रहे हैं।

बाद में, चौधरी ने फोन पर पीटीआई-भाषा से कहा कि अपनी जमीन पर सहजन की खेती करते हुए वह सतत कृषि प्रथाओं का पालन करते हैं, जैविक उर्वरकों का उपयोग करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि कीटनाशकों के उपयोग से कोई भी मधुमक्खी नहीं मरे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम जैविक खेती करते हैं और हमारी उपज की गुणवत्ता बाजार में आप जो भी देखते हैं, उससे बेहतर है। हम अपने दम पर बीज विकसित करते हैं, क्योंकि बाजार से जो बीज मिलते हैं, वे मिश्रित गुणवत्ता के होते हैं।’’

कृषक ने कहा कि वे खेती के उद्देश्य से लगभग 15 से 20 किलोग्राम बीज बचा लेते हैं और दावा किया कि उनके द्वारा उगाए गए सहजन के लिए बाजार मूल्य से अधिक कीमत मिलती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी उपज पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और ओडिशा में अधिक कीमत पर बेचते हैं।’’

चौधरी ने कहा कि वह पिछले 10 सालों से सहजन उगा रहे हैं और उन्हें उनके प्रयासों में स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) का भी समर्थन मिला है।

पाटन स्थित केवीके की वेबसाइट के अनुसार बागवानी विशेषज्ञों ने उन्हें और क्षेत्र के अन्य लोगों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का उपयोग करके और एक एकीकृत पोषक तत्व और कीट प्रबंधन को अपनाकर ‘‘सहजन की वैज्ञानिक खेती’’ करने के लिए प्रशिक्षित किया।

वेबसाइट के अनुसार चौधरी केवीके की सफलता की कहानियों में से एक है, जिन्होंने सहजन की खेती के बारे में अन्य किसानों को भी प्रेरित और निर्देशित किया है, जिसके परिणामस्वरूप पाटन के सिधपुर तालुका में लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सहजन की खेती हो रही है।

मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में नर्मदा में केवडिया में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के बारे में संस्कृत में बोलते हुए एक महिला टूर गाइड की एक क्लिप भी साझा की।

उन्होंने कहा कि 15 से अधिक गाइड हैं जो धाराप्रवाह संस्कृत बोल सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत कई भाषाओं का देश है जो हमारी संस्कृति और गौरव का प्रतीक है।’’

गुजरात के अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन और पर्यावरण) राजीव गुप्ता ने बाद में एक ट्वीट में कहा कि केवडिया में कई गाइड संस्कृत बोलते हैं।

उन्होंने हिंदी में किये ट्वीट में कहा, ‘‘संस्कृत भारत की सबसे पुरानी भाषा है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से, केवडिया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ में कई गाइड कुछ महीनों के प्रशिक्षण के बाद संस्कृत बोलते हैं। धन्यवाद प्रधानमंत्रीजी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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