लाइव न्यूज़ :

पटनायक की एनएमए उपनियम वापस लेने की मांग, बीजद और भाजपा सांसदों की मंत्री से मुलाकात

By भाषा | Updated: February 8, 2021 16:10 IST

Open in App

भुवनेश्वर/पुरी, आठ फरवरी ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को केंद्र से राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) द्वारा जारी मसौदा उपनियम अधिसूचना को वापस लेने का आग्रह किया, जो पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के 100 मीटर के दायरे में किसी भी विकास कार्य को प्रतिबंधित करता है।

एनएमए की अधिसूचना को लेकर राज्य भर में तीव्र आक्रोश है। भाजपा और बीजद सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल से अलग-अलग मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि आदेश वापस ले लिया जाएगा।

पटनायक ने पुरी में संवाददाताओं से कहा, ‘‘भगवान जगन्नाथ के काम को कोई नहीं रोक सकता। केंद्र सरकार को उपनियम अधिसूचना वापस लेनी चाहिए।’’ पटनायक कोविड​​-19 महामारी के मद्देनजर लगे प्रतिबंध हटाए जाने के बाद पहली बार 12वीं शताब्दी के मंदिर आये थे।

मुख्यमंत्री ने पुरी के स्थानीय लोगों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर (एसजेएचसी) परियोजना के लिए अपनी भूमि दी है। यह परियोजना मंदिर की सुरक्षा और आसपास के क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के लिए है।

राज्य सरकार पुरी मंदिर की चारदीवारी से 75 मीटर की दूरी पर विकास परियोजनाएं चला रही हैं, जिसके लिए लोगों ने अपनी जमीन दान दी है।

इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में पटेल से मुलाकात के बाद, केंद्रीय मंत्री प्रताप सारंगी ने कहा कि केंद्र सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है कि मंदिर के आसपास हो रहे विकास कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जाए।

भाजपा ने सारंगी के हवाले से जारी एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान जगन्नाथ के भक्त हैं और वह पुरी में किसी को भी समस्या उत्पन्न नहीं करने देंगे।’’

सारंगी ने यह भी कहा कि एनएमए मसौदा उपनियम विज्ञप्ति जारी करना एक ‘‘नौकरशाही की त्रुटि’’ थी जिसे ‘‘गलती से’’ जारी किया गया है और ‘‘इसे जल्द ही वापस ले लिया जाएगा।’’

बीजद सांसदों के एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने संसद में केंद्रीय संस्कृति मंत्री से भी मुलाकात की और पुरी के लिए एनएमए मसौदा उपनियम को समाप्त करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में से एक ने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री ने बीजद प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि इसे वापस ले लिया जाएगा। हमने मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार मंत्री से मुलाकात की।’’

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत आने वाले एनएमए ने अपनी वेबसाइट में पुरी के आस-पास के क्षेत्रों के साथ केंद्रीय संरक्षित स्मारक और सहायक तीर्थस्थलों का मसौदा विरासत उपनियम प्रकाशित किया है और 18 फरवरी तक जनता से सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

क्रिकेट2015 में 5, 2024 में 4 और 2026 में लगातार 3 जीत से शुरुआत?, आईपीएल सीजन में तीसरी बार आरआर ने किया आगाज?

पूजा पाठPanchang 08 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठVaisakhi 2026: बैसाखी के दिन का महत्व बताते 5 रोचक तथ्य, सिर्फ फसलों का त्योहार नहीं बल्कि इतिहास है खास; जानें

भारत अधिक खबरें

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र