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‘ओमीक्रोन’: उच्च जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी लोगों की आरटी-पीसीआर जांच का निर्णय

By भाषा | Updated: November 29, 2021 16:54 IST

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नयी दिल्ली, 29 नवंबर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में सोमवार को फैसला किया गया है कि उच्च जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी लोगों की आरटी-पीसीआर पद्धति से जांच की जाएगी, संक्रमित मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी तथा केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उन्हें अनिवार्य रूप से पृथक-वास में जाना होगा।

यह बैठक कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के कुछ देशों में पता चलने के बीच हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि डीडीएमए की बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव को नागरिक उड्डयन मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों और मंत्रालयों के बीच निरंतर संपर्क और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए कहा गया ताकि संयुक्त मूल्यांकन और त्वरित निर्णय सुनिश्चित किया जा सके।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस वार्ता में कहा कि बैठक में विशेषज्ञों ने नए ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया गया कि कोविड संक्रमण से निपटने की तैयारी में और स्थिति की निगरानी में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए।

अधिकारियों के अनुसार, उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई डीडीएमए की बैठक में कोविड की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई और कोविड-उपयुक्त व्यवहार को सख्ती से लागू करने के साथ-साथ परीक्षण, ट्रैक, उपचार और पृथक करने की रणनीति का सख्ती से पालन करने का निर्णय लिया गया। साथ में टीकाकरण के विस्तार पर भी जोर देने का फैसला किया गया है।

एक अधिकारी ने कहा, “ उच्च जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी यात्रियों की आरटी-पीसीआर पद्धति से जांच कराने, संक्रमित मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार अनिवार्य पृथक-वास को लागू करने का फैसला किया गया है।”

स्वास्थ्य विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बिस्तर, दवाइयां और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शेष नागरिकों के लिए टीकाकरण अभियान को तेज करने की भी सलाह दी गई और इसके लिए हर संभव तरीके का इस्तेमाल किया जाए।

सिसोदिया ने कहा कि दुनिया में कोरोनो वायरस के नए स्वरूप के प्रसार और प्रभाव पर एक “अनिश्चितता”है, लेकिन केंद्र सरकार ने जोर देकर कहा है कि तैयारियों में कोई लापरवाही नहीं होगी और स्थिति की निगरानी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कोविड के मामले बढ़ने की स्थिति में हालात से निपटने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार अप्रैल-जून में कोविड की दूसरी लहर के अनुभव को देखते हुए तैयारी कर रही है। हमने अस्पताल के बिस्तरों की उपलब्धता को अलर्ट मोड पर रखा है और जो बिस्तर डेंगू के लिए आरक्षित हैं उन्हें फिर से कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किया जा रहा है।”

भारत में कोविड के नए स्वरूप का अबतक कोई मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है। इस स्वरूप के बारे में दक्षिण अफ्रीका ने 24 नवंबर को सबसे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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