लाइव न्यूज़ :

जम्मू-कश्मीर: भर्ती प्रक्रिया को लेकर LG मनोज सिन्हा की NC-PDP की आलोचना पर उमर अब्दुल्ला ने दी प्रतिक्रिया, कही ये बात

By मनाली रस्तोगी | Updated: March 20, 2023 15:45 IST

उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि कोई भी इस बात की वकालत नहीं कर रहा है कि कट्टर उग्रवादियों को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए, लेकिन यह भी गलत है कि किसी को सिर्फ इसलिए दंडित किया जाए क्योंकि उनका एक आतंकवादी से संबंध होने का दुर्भाग्य है।

Open in App
ठळक मुद्देउमर अब्दुल्लाह ने कहा कि यह लोगों का दिल और दिमाग जीतने का तरीका नहीं है और यह ऐसा कुछ नहीं है जिसका हम कभी समर्थन करेंगे।उन्होंने कहा कि यह सरकार लोगों के मुद्दों को हल करने की कोशिश नहीं कर रही है।उन्होंने कहा कि युवाओं को आश्वस्त किया जाना चाहिए कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।

जम्मू: नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में भर्ती प्रक्रिया को लेकर राज्यपाल मनोज सिन्हा की नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की आलोचना पर प्रतिक्रिया दी। 

उन्होंने कहा, "कोई भी इस बात की वकालत नहीं कर रहा है कि कट्टर उग्रवादियों को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए, लेकिन यह भी गलत है कि किसी को सिर्फ इसलिए दंडित किया जाए क्योंकि उनका एक आतंकवादी से संबंध होने का दुर्भाग्य है। यह लोगों का दिल और दिमाग जीतने का तरीका नहीं है और यह ऐसा कुछ नहीं है जिसका हम कभी समर्थन करेंगे।"

पेपर लीक मामले पर बोलते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, "यह सरकार लोगों के मुद्दों को हल करने की कोशिश नहीं कर रही है। हम इस बात की जांच चाहते हैं कि एप्टेक को यहां कौन लाया और कहां धोखाधड़ी हुई। युवाओं को आश्वस्त किया जाना चाहिए कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।"

वहीं, कॉनमैन किरण पटेल पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "आपने देखा होगा कि एक आदमी (किरण पटेल) यहां आया और यहां सरकार को बताया कि वह पीएमओ में काम करता है, उन्होंने पता लगाने की कोशिश तक नहीं की...हमारे एक सहयोगी हैं, एक पूर्व मंत्री हैं, जिन्होंने हमलों का सामना किया और हाथ जोड़कर गुजारिश करने पर भी नहीं मिलती एस्कॉर्ट गाड़ी...चुनी हुई सरकार और ऊपर से थोपी गई सरकार में यही फर्क है।"

उन्होंने ये भी कहा कि हम एक ऐसी सरकार से कैसे उम्मीद कर सकते हैं जो हमारे वास्तविक मुद्दों को हल करने के लिए पीएमओ में एक वास्तविक अधिकारी और एक ढोंगी के बीच अंतर नहीं जानती है?

टॅग्स :उमर अब्दुल्लामनोज सिन्हाजम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह