भारतीय सुरक्षा बलों को पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने की मंजूरी मिल गई है। अब अगर बॉर्डर पर ड्रोन 1000 फुट की ऊंचाई पर उड़ता दिखा तो भारतीय सुरक्षा बल उसको मार गिरा सकेंगे। अभी हाल ही में आतंकी हमले की साजिश रचने के लिए पाकिस्तान से पंजाब में भेजे गए ड्रोन के जरिए हथियार मामले की जांच गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी थी।
बीते दिनों पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान और जर्मनी आधारित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकवादी मॉड्यूल का 22 सितंबर को भंडाफोड़ किया था। इस दौरान पंजाब पुलिस ने चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें केजेडएफ आतंकवादियों में बलवंत सिंह, आकाशदीप सिंह, हरभजन सिंह और बलबीर सिंह शामिल थे। इन्हे पंजाब के तरन तारन जिले के चोला साहिब गांव से गिरफ्तार किया गया था। तब से लगातार कई एजेंसियां इनसे पूछताछ कर रही हैं। अब इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है।
ड्रोन का नाम UAV है यानि Unmanned Aerial Vehicle। जिसका मतलब है वो विकल जो मानव के बिना ही उड़े। इसे इंग्लिश शब्द ड्रान से लिया गया है जिसका मतलब होता है 'नर मधुमक्खी'। जब ड्रोन उड़ते हैं तो वह देखने में मधुमक्खी की तरह ही लगे हैं इसलिए इसका नाम ड्रोन पड़ गया
ड्रोन की बनावट और काम
ड्रोन में 4 रोटर जिसे पंखे भी कह सकते हैं। नॉर्मली ड्रोन में 4 पंखे होते हैं लेकिन कई ऐसे ड्रोन हैं जिसमें ज्यादा या कम पंखे होते हैं। ड्रोन अपने इन्हीं पंखों या रोटर की मदद से उड़ता है।
सबसे पहले रोटर में लगी पत्तियां हवा को नीचे ढकेलती जिसके चलते ड्रोन ऊपर उठ के उड़ने लगता है। जैसे की मान लें हमारे पास चार पंखे वाला ड्रोन है तो इसमें 2 क्लॉकवाइज़ घूमेंगी और जो बाकी बची दो हैं वो एंटी-क्लॉकवाइज़ जिससे एयर प्रेशर कंट्रोल किया जा सके।
ड्रोन को स्टेबल रखने के लिए रोटर same पावर के साथ घूमते हैं। example के लिए अगर ड्रोन को आगे की तरफ उड़ाना है तो उसके आगे के दोनों रोटर कम तेजी से घूमते हैं लेकिन पीछे के दोनों रोटर पूरी तेजी के साथ घूमते हैं और ड्रोन को एक तरह से आगे की ओर धक्का देते हैं।