चंडीगढ़: पंजाब की पूर्व विधायक और नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने सस्पेंशन के महीनों बाद औपचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, और कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए एक तीखा खुला पत्र और सोशल मीडिया पोस्ट जारी किया है। जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को पप्पू कहकर उन्हें तीखे लहजे में सलाह दी है। साथ ही कौर ने इस मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी के समर्थकों को भी लपेटा है।
उन्होंने X पर पोस्ट किया और कहा, "पप्पू ने आखिरकार अपने नाम पर मुहर लगा ही दी। एक ऐसा नेता जो सोचता है कि वह अकेला ईमानदार और जानकार इंसान है, जिसे ज़मीनी हकीकत का बिल्कुल भी पता नहीं है। उसके अंदरूनी सर्कल में काम करने वाले लोग उसे दूर रखने में कामयाब हो जाते हैं और उसके कोई भी फैसला लेने से बहुत पहले ही टिकट बेचकर ज़िंदगी की ऐश-मौज करते हैं।"
तीखे लहजे में उन्होंने इस पोस्ट में लिखा, "वह किसी इमरजेंसी कॉल पर रिएक्ट करने में 6 महीने से ज़्यादा लगा देता है, तब तक नुकसान होना तय होता है। लोगों को अपने साथ जुड़ने के लिए कहने से पहले, उसे अपने तथाकथित समर्थकों से पूछना चाहिए कि क्या वे ईमानदार रहने के लिए तैयार हैं??? क्या वे ईमानदार रहने और पंजाब के लिए काम करने को तैयार हैं??"
कौर ने गांधी के समर्थकों पर आरोप लगाते हुए आगे लिखा, "आपके ज़्यादातर फॉलोअर्स निस्वार्थ सेवा के लिए तैयार नहीं हैं, बल्कि वे अपनी जेबें भरने में बिज़ी हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वे वापस नहीं आने वाले हैं। अगर आप में हिम्मत है तो उनसे मौजूदा सरकार के खिलाफ बोलने के लिए कहें और तैयार रहें..... अपनी फाइलें खुलवाने के लिए। सच बोलना और उसका सामना करना सीखो, जो है, था और हमेशा रहेगा।" अंत में उन्होंने राहुल गांधी को सलाह भी दी। उन्होंने लिखा, "एक अच्छे दोस्त को सलाह: ज़्यादा ध्यान देने वाला, समझदार, ग्रहणशील और प्रैक्टिकल बनो।"
बीजेपी की पहचान बनाम कांग्रेस की अनदेखी
एक अन्य पोस्ट में लिखा, "बीजेपी ने निष्पक्ष सर्वे के ज़रिए मेरी प्रतिभा को पहचाना, 2012 में जब मैं एक अस्पताल में काम कर रही थी, तब मुझे MLA का टिकट दिया, और फिर एक डॉक्टर के तौर पर मुझे स्वास्थ्य के लिए CPS नियुक्त किया। मुझे सच बोलने, ईमानदारी से काम करने और डिपार्टमेंटल मुद्दों को उसी दिन हल करने की आज़ादी मिली। राहुल गांधी जी, आपके पास ज़मीनी हकीकतों के लिए समय या सुनने की क्षमता नहीं है, आप अपनी बनाई हुई दुनिया में रहना पसंद करते हैं। क्या आपको लगता है कि मेरे जैसे पोस्टग्रेजुएट संघर्ष करने वालों के पास आपके लिए फालतू समय है? नहीं- मेरा ध्यान सिर्फ़ पंजाब के लोगों पर है, जिसे एक फाउंडेशन के ज़रिए बिना राजनीति के हासिल किया जा सकता है।"
सम्मान और ईमानदारी की अपील
उन्होंने कहा, "आपके ज़्यादातर फॉलोअर्स बीजेपी ऑफिस गए हैं, फिर भी मैं उनसे कभी नहीं मिली और न ही मुझसे संपर्क किया गया। मेरी एनर्जी पंजाब की भलाई के लिए है। ईमानदार, मेहनती लोगों का सम्मान करना सीखें, वरना राजनीतिक अस्तित्व खत्म होने का खतरा है। ईमानदारी का उपदेश देने का कोई मतलब नहीं है जब आपकी पार्टी सबसे भ्रष्ट लोगों को सम्मान देती है। शुभकामनाएँ।"