महानगरपालिका चुनाव: सभी दल में टिकट दावेदारों ने हदें पार कीं?, प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए चोरी की, कागजात निगलने या पुराने बयानों को तूल देने...

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 4, 2026 19:41 IST2026-01-04T19:39:00+5:302026-01-04T19:41:41+5:30

mumbai pune thane nagpur Municipal elections: पुणे में अपनी ही पार्टी के एक प्रतिद्वंद्वी के एबी फॉर्म को कथित तौर पर फाड़कर निगल लिया।

mumbai pune thane nagpur Municipal elections ticket aspirants all parties cross line Stealing defeat rivals swallowing documents or giving importance to old statements | महानगरपालिका चुनाव: सभी दल में टिकट दावेदारों ने हदें पार कीं?, प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए चोरी की, कागजात निगलने या पुराने बयानों को तूल देने...

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Highlightsmumbai pune thane nagpur Municipal elections: कोई राजनीतिक दल चुनावों में किसी उम्मीदवार को अपना उम्मीदवार घोषित करता है।mumbai pune thane nagpur Municipal elections: मुंबई के सायन इलाके में जारी किया गया एबी फॉर्म लौटाने को कहा, तो उन्होंने इसे ईमानदारी से लौटा दिया।mumbai pune thane nagpur Municipal elections: हैरानी हुई जब उन्हें पता चला कि केलुस्कर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।

mumbai:महाराष्ट्र में महानगरपालिकाओं के आगामी चुनावों को लेकर जमीनी स्तर पर उलझे राजनीतिक समीकरणों के बीच टिकट के कई दावेदारों ने हदें पार कर दीं। टिकट पाने को बेताब दावेदारों और उनके समर्थकों ने प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए चोरी से लेकर, कागजात निगलने या पुराने बयानों को तूल देने के तमाम हथकंडे अपनाए। उनका एकमात्र ध्यान फॉर्म 'ए' और 'बी' पर था जो आवश्यक दस्तावेज हैं जिनके माध्यम से कोई राजनीतिक दल चुनावों में किसी उम्मीदवार को अपना उम्मीदवार घोषित करता है।

शिवसेना के उद्धव कांबले गलत कारणों से तब चर्चा में आ गए, जब उन्होंने पुणे में अपनी ही पार्टी के एक प्रतिद्वंद्वी के एबी फॉर्म को कथित तौर पर फाड़कर निगल लिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जब शिल्पा दत्ता केलुस्कर से मुंबई के सायन इलाके में जारी किया गया एबी फॉर्म लौटाने को कहा, तो उन्होंने इसे ईमानदारी से लौटा दिया।

हालांकि, भाजपा-शिवसेना गठबंधन की आधिकारिक उम्मीदवार को उस समय हैरानी हुई जब उन्हें पता चला कि केलुस्कर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। भाजपा ने उन पर पार्टी कार्यालय से फॉर्म चुराने का आरोप लगाया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नासिक में नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन (30 दिसंबर) अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल रहा।

सूत्रों के मुताबिक, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने नामांकन फॉर्म ले जा रही एक कार का पीछा किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उस बंगले में भी जबरदस्ती घुसने की कोशिश की जहां नामांकन फॉर्म बांटे जा रहे थे। कुछ कार्यकर्ताओं ने तो फॉर्म छीनने का भी प्रयास किया। पुणे में पूजा मोरे-जाधव के पुराने बयान फिर से उनके लिए मुसीबत बन गए।

उनके प्रतिद्वंद्वियों ने मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी के खिलाफ पूजा की निजी टिप्पणियां दिखाते हुए पुराने वीडियो सामने ला दिए। पूजा ने दावा किया कि ये टिप्पणियां "किसी और लड़की" ने की थीं, लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी।

चंद्रपुर के भाजपा अध्यक्ष सुभाष कासंगोत्तुवार पर प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण द्वारा हस्ताक्षरित एक दस्तावेज में कुछ नामांकित व्यक्तियों के नाम बदलने का आरोप लगा। पार्टी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया।

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि (दो जनवरी) को मची अफरा-तफरी के बीच, नागपुर में एक उम्मीदवार के समर्थकों ने उसे उसके घर में बंद कर दिया ताकि वह अपना नामांकन पत्र वापस न ले सके। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद ही उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया। राज्य में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन होगी।

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