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जबलपुर: 51 निजी अस्पताल-नर्सिंग होम पर सख्त हुआ प्रशासन, इस कारण नए मरीजों की भर्ती पर लगाया रोक

By आजाद खान | Updated: August 3, 2022 09:17 IST

प्रशासन द्वारा यह भी कहा गया है कि जो मरीज पहले से इन 51 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में भर्ती है, अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कराने का भी निर्देश दिया है।

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ठळक मुद्देजबलपुर के निजी अस्पताल में हुए अग्निकांड पर प्रशासन सख्त हुआ है। प्रशासन ने 51 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दिया है। इन निजी अस्पतालों से प्रशासन ने पहले जरूरी दस्तावेजों और एनओसी की मांग की है।

भोपाल: मध्य प्रदेश के जबलपुर में प्रशासन ने 51 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में नए मरीजों के दाखिले पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने कहा है कि यह रोक इन निजी अस्पताल और नर्सिंग होम से तभी हटेगा जब ये अस्पताल स्थापना अधिनियम के तहत जरूरी मापदंड पूरा करने संबंधी सभी दस्तावेज को पेश करेंगे।

यही नहीं इन दस्तावेजों की पूरी जांच के बाद ही इन निजी अस्पताल और नर्सिंग होम वाले अपने यहां नए मरीज को भर्ती कर पाएंगे। 

दरअसल, जबलपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से 10 लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद जांच में यह पता चला थी इस अस्पताल को फायर (आग) एनओसी नहीं मिली थी। 

यही नहीं इस अस्पताल के प्रबंधन के पास बिल्डिंग पूर्णता प्रमाण पत्र भी नहीं थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने निजी अस्पताल और नर्सिंग होम पर यह रोक लगाई है। 

पहले भर्ती मरीजों के लिए दिया यह आदेश

प्रशासन ने आदेश देते हुए कहा कि इन 51 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में पहले से जो मरीज भर्ती है, उनके इलाज और हालत को ध्यान में रखते हुए उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया जाता है। 

ऐसे में प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि बिना एनओसी और अस्पताल बनाने व इसे चलाने से जुड़े जरूरी कागजात के बिना यह निजी अस्पताल और नर्सिंग होम नहीं खुल पाएंगे। 

मामले में क्या बोले जबलपुर के एएसपी

इस पर बोलते हुए जबलपुर के एएसपी ने कहा कि जिस अस्पताल में यह घटना घटी है और 10 लोगों की मौत हुई है, उस अस्पताल में बहुत सारी खामियां थी। इसके बावजूद वह अस्पताल चल रहा था और मरीजों का इलाज कर रहा था। उन्होंने सभी बातों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने की बात कही है। 

वहीं खबर यह भी आर रही है कि घटना वाले अस्पताल में उसे सजाने के लिए अत्यधिक ज्वलनशील मैटेरियल को उपयोग किया गया था। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि ऐसा भी हो सकता है कि इस कारण भी यह आग भड़की हो और यह हादसा हुआ होगा। 

फिलहाल अस्पताल के चार डायरेक्टर है फरार

आपको बता दें कि पुलिस ने इस अग्निकांड को लेकर अस्पताल के चार डायरेक्टर और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस अस्पताल के मैनेजर को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। 

पुलिस ने यह भी बताया कि जबलपुर के न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉ. सुरेश पटेल, डॉ संजय पटेल, डॉ संजय सोनी और डॉ. निशांत गुप्ता डायरेक्टर हैं। ये चारों फिलहाल फरार है और उनकी तलाश जारी है। 

 

टॅग्स :Madhya Pradeshजबलपुरआगअग्निकांडNOCMedical and Health
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