नई दिल्लीः: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'मोदी उपनाम' टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने AICC कार्यालय में जश्न मनाया।
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत देते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के प्रभाव व्यापक हैं। इससे न केवल राहुल गांधी का सार्वजनिक जीवन में बने रहने का अधिकार प्रभावित हुआ, बल्कि उन्हें चुनने वाले मतदाताओं का अधिकार भी प्रभावित हुआ। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि निचली अदालत के न्यायाधीश द्वारा अधिकतम सजा देने का कोई कारण नहीं बताया गया है, अंतिम फैसला आने तक दोषसिद्धि के आदेश पर रोक लगाने की जरूरत है।
फैसला आने के बाद केरल कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि केरल के लोग, विशेषकर वायनाड के लोग खुश होंगे क्योंकि उन्हें अपना सांसद वापस मिल गया है। कांग्रेस नेता भाजपा को माफी मांगने के लिए कहा। बकौल चेन्निथला- भाजपा को इस मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए। सर्वोच्च अदालत को एहसास हुआ कि यह राहुल गांधी को चुप कराने का एक प्रयास है..।
उधर, रणदीप सुरजेवाला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सत्य की जीत के सिद्धांत में विश्वास बहाल हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एक बार फिर आम लोगों का सुप्रीम कोर्ट में, लोकतंत्र, संवैधानिकता और सत्य की जीत के सिद्धांत में विश्वास बहाल कर दिया है।
गौरतलब है कि गुजरात HC ने अपने आदेश में आपराधिक मानहानि मामले में उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसमें राहुल गांधी को 'मोदी उपनाम' टिप्पणी पर सूरत अदालत ने दो साल जेल की सजा सुनाई थी। मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद, गांधी को 24 मार्च को केरल के वायनाड से सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इससे पहले मार्च में, एक मजिस्ट्रेट अदालत ने 2019 के राष्ट्रीय चुनावों से पहले राहुल गांधी को उनकी 'मोदी' उपनाम वाली टिप्पणी के लिए दोषी ठहराया था।