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जैश के सरगना मसूद अजहर को यूएन ने किया वैश्विक आतंकी घोषित पर भारत नहीं कर सकता ऐसा, ये है कारण

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 7, 2019 08:14 IST

भारत से इतर अमेरिकी स्टेट और ट्रेजरी विभाग किसी भी व्यक्ति को आतंकी घोषित कर सकता है, उन पर ट्रैवल बैन लगा सकता है और उनकी संपत्ति भी जब्त कर सकता है।

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ठळक मुद्देभारत में किसी शख्स को आतंकी घोषित करने का नहीं है कोई कानूनबिल के तौर पर यूएपीए का एक मसौदा तैयार पर पिछले एक साल से यह कैबिनेट सेक्रेटरी के पास पड़ा हैचुनाव के बाद अगली सरकार में बिल को किया जा सकता है संसद में पास

लंबी कोशिशों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने हाल में जैश-ए-मोहम्मद (जेइएम) के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया। हालांकि, विडंबन ये है कि भारत खुद ऐसा नहीं कर सकता। दरअसल, भारत में मौजूदा कानून के अनुसार यहां किसी संगठन को जरूर आतंकी घोषित कर सकता है लेकिन वह किसी खास शख्स को इस कैटेगरी में नहीं ला सकता है।

इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार किसी शख्स को आतंकी घोषित करने के प्रावधान वाला कानून अनलॉफुल ऐक्टिविटीज (प्रिवेंशन) ऐक्ट (यूएपीए) कैबिनेट सेक्रेटरी के पास पिछले एक साल से पड़ा है और अब इस पर कोई पहल चुनाव के बाद अगली सरकार में ही हो सकती है।

वैसे, भारत से इतर अमेरिकी स्टेट और ट्रेजरी विभाग किसी भी व्यक्ति को आतंकी घोषित कर सकता है, उन पर ट्रैवल बैन लगा सकता है और उनकी संपत्ति भी जब्त कर सकता है। इसी प्रकार, यूरोपियन यूनियन भी किसी आतंकी गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति, समूह को खास सूची में डाल सकता है, जिससे उनके खिलाफ प्रतिबंधित उपायों को लागू करना सुनिश्चित किया जा सकता है।

गौर करने वाली बात ये भी है कि यूएस ने हिज्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सल्लाउद्दीन और कर्नाटक में भटकल से इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लिए भरती करने वाला साफी अरमार को पिछले साल वैश्विक आतंकी घोषित किया था। जम्मू और कश्मीर में सबसे बड़े आतंकी संगठन का मुखिया और यूनाइटेड जिहाद काउंसिल का चेयरमैन सल्लाउद्दीन के पास जहां घाटी में भरती की जिम्मेदारी थी वहीं, अरमार ऑनलाइन तरीके से भारतीय युवकों को आईएस में शामिल होने के लिए उकसाता था।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारत में यूएपीए को लागू करने के प्रस्ताव को गृह मंत्रालय की ओऱ से 2016 में प्रस्तावित किया गया था। यह प्रस्ताव खास तौर पर उन लोगों के लिए लाया गया था जिन्होंने आईएस में शामिल होने के लिए भारत छोड़ा था। गृह मंत्रालय में एक सीनियर अधिकारी के अनुसार यूएपीए बिल अगर संसद से पास होता है तो भारत सरकार हाफिज सईद, मसूद अजहर और दाउद इब्राहिम जैसे लोगों को भी प्रतिबंधित कर सकेगी। 

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