मुंबईः मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार की उपस्थिति में एकनाथ खड़से पार्टी में शामिल हो गए। भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद 2016 में तत्कालीन देवेन्द्र फड़नवीस नीत भाजपा सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देने बाद से ही खड़से नाराज चल रहे थे।
खड़से पूर्व मंत्री एवं राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष रह चुके हैं। ऐसा माना जाता है कि खानदेश के जलगांव जिले से आने वाले खड़से के फड़नवीस के साथ तनावपूर्ण संबंध है। एक समय था जब फड़नवीस मंत्रिमंडल में उन्हें नंबर दो का दर्जा प्राप्त था, लेकिन 2016 में भूमि अधिग्रहण संबंधी आरोपों के चलते राजस्व मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद से उन्हें भगवा पार्टी में काफी हद तक दरकिनार कर दिया गया।
एकनाथ खड़से ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस पर अपना हमला तेज करते हुए कहा कि उनके अहंकार के चलते भाजपा पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य में सत्ता से बाहर हो गई। यह उनका अहंकार था, जिसके कारण 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ा।
पाटिल ने उनके (खड़से के) शरद पवार नीत पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी
प्रदेश राकांपा प्रमुख जयंत पाटिल ने उनके (खड़से के) शरद पवार नीत पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी। राकांपा, राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन में शिवसेना और कांग्रेस के साथ शामिल है। राज्य की यह महा विकास अघाड़ी सरकार 11 महीने पहले सत्ता में आई थी।
महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री एवं विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता खड़से यहां राकांपा के मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुए। खडसे उत्तर महाराष्ट्र स्थित अपने गृह जिले जलगांव से बृहस्पतिवार को यहां आये। वह पिछले चार साल के दौरान भाजपा में राजनीतिक उपेक्षा का सामना कर रहे थे।
हालांकि, उन्होंने महज दो दिन पहले भगवा पार्टी से नाता तोड़ा है। राकांपा में खडसे के औपचारिक रूप से दोपहर दो बजे शामिल होने का कार्यक्रम था, लेकिन इसमें करीब एक घंटे की देर हुई क्योंकि पवार पार्टी के नेता एवं राज्य में मंत्री जितेंद्र आव्हाड के साथ एक बैठक में थे। जयंत पाटिल ने खड़से का पार्टी में स्वागत किया। खड़से ने बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए फड़नवीस पर उनका जीवन और राजनीतिक करियर बर्बाद करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
एकनाथ खड़से साहब जिन्होंने दिवंगत गोपीनाथ मुंडे साहेब के साथ मिलकर महाराष्ट्र में भाजपा का विस्तार करने के लिए कई वर्षों तक काम किया था। उन्होंने मुझसे कुछ समय पहले कहा था कि वह पार्टी छोड़ना चाहते हैं।’’ उन्होंने दावा कि राज्य के लोगों ने देखा है कि पिछले कुछ वर्षों से भाजपा में खड़से के साथ ‘‘अन्याय’’ हो रहा है। इसलिए ही वह पार्टी बदल रहे हैं।
फड़नवीस के नेतृत्व वाली सरकार से 2016 में इस्तीफा देने के बाद से असंतुष्ट चल रहे खड़से ने बुधवार को पार्टी छोड़ दी थी और वह अब शरद पवार के नेतृत्व वाले राकांपा में शामिल हो गए। खड़से (68) ने फड़नवीस पर आरोप लगाया था कि ‘‘उन्होंने उनका जीवन और राजनीतिक करियर बर्बाद करने का प्रयास किया।’’
फड़नवीस ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा था, ‘‘यदि उन्हें मेरे बारे में शिकायत थी, तो उन्हें पार्टी के वरिष्ठों को बताना चाहिए था।’’ इस पर खड़से ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली गया था और (अपनी शिकायतों को लेकर) भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी लेकिन मुझे निराशा हुई। मैं जब भी वहां गया, मुझसे मुद्दों को लेकर फड़नवीस से बात करने को कहा गया।’’