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बागी हुये मध्य प्रदेश में बीजेपी के दो विधायक, कहा- पार्टी में नहीं लग रहा है मन, कांग्रेस में होंगे शामिल 

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 25, 2019 03:36 IST

दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक 2019 पर बसपा विधायक संजीव सिंह द्वारा मांगे गये मत विभाजन के दौरान भाजपा के दो सदस्यों सहित कुल 122 विधायकों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस के पक्ष में मतदान हुआ।

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ठळक मुद्देसरकार के बिल के समर्थन में वोट देने के बाद विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कौल ने बीजेपी की आलोचना की है।सरकार के बिल के समर्थन में वोट देने के बाद दोनों विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कौल कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी के घर गये।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को लेकर बीजेपी पिछले कुछ महीनों से अल्पमत की सरकार का दावा कर रही थी। लेकिन बीजेपी के के लिए अब स्थिति उल्टी लग रही है। राज्य की विधानसभा में कमलनाथ सरकार द्वारा पेश एक विधयेक पर मत विभाजन के दौरान बीजेपी के दो विधायकों ने  सरकार के समर्थन में वोट दिया। बीजेपी के दो विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल ने बिल पर सरकार का साथ देने के बाद कांग्रेस में शामिल होने के संकेत दिये हैं। बीजेपी के नारायण त्रिपाठी मैहर से विधायक हैं और शरद कौल ब्यौहारी से विधायक हैं। 

दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक 2019 पर बसपा विधायक संजीव सिंह द्वारा मांगे गये मत विभाजन के दौरान भाजपा के दो सदस्यों सहित कुल 122 विधायकों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस के पक्ष में मतदान हुआ। सरकार के बिल के समर्थन में वोट देने के बाद नारायण त्रिपाठी और शरद कौल ने बीजेपी की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि उनका बीजेपी पार्टी में मन नहीं लग रहा है इसलिए वो जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो जायेंगे। 

सत्तारूढ़ कांग्रेस के पक्ष में मतदान देने के बाद नारायण त्रिपाठी और शरद कौल ने कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी के घर में गये। नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि बीजेपी लगातार झूठे वादे करते हुए खुद का प्रचार करती रहती है। उन्होंने कहा कि उन्हें मैहर का विकास भी करना है और वह मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ हैं। इसी तरह शरद कौल ने भी कहा कि यह उनकी 'घर वापसी' जैसे है, क्योंकि वह पहले कांग्रेस में रह चुके हैं। हालांकि दोनों बीजेपी के बागी विधायकों ने फिलहाल इस्तीफा नहीं दिया है। 

बीजेपी को कमलनाथ ने दिया जवाब 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि बुधवार को हुए एक विधेयक पर मतदान सिर्फ एक विधेयक पर मतदान नहीं है, बल्कि यह मेरी सरकार द्वारा बहुमत सिद्ध का मतदान है। कमलनाथ ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, ‘‘पिछले 6 माह से भाजपा रोज कहती रही कि हमारी सरकार अल्पमत की सरकार है। आज जाने वाली है, कल जाने वाली है। ऐसा वो रोज़ कहती थी।’’ 

उन्होंने कहा कि आज भी सुबह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि हमें इशारा मिल जाए तो हम आज सरकार गिरा दे। मैंने उन्हें उसी समय विश्वास प्रस्ताव के लिए आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने मेरा प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। 

कमलनाथ ने बताया, ‘‘मैंने सोच लिया कि हम बहुमत सिद्ध कर देंगे ताकि दूध का दूध और पानी का पानी अलग हो जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज हुआ मतदान सिर्फ एक विधेयक पर मतदान नहीं है। यह बहुमत सिद्ध का मतदान है।’ 

कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के दो विधायक नारायण त्रिपाठी व शरद कोल ने हमारे पक्ष में मतदान किया है। हम उनका स्वागत करते हैं। उन्होंने आत्मा की आवाज सुनी। आज हमें 122 विधायकों का समर्थन प्राप्त हो गया है। हमने अपना बहुमत सिद्ध कर दिखाया। उन्होंने कहा कि यह (भाजपा नेता) कहते थे, उनके (कांग्रेस के) 8-10 विधायक हमारे साथ हैं, पर आज दिखे तो नहीं। आज हमने अपना बहुमत सिद्ध कर दिया है। (पीटीआई इनपुट के साथ) 

टॅग्स :मध्य प्रदेशभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कमलनाथ
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