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कश्मीर फिर पुकार रहा चले आइए! तमाम बाधाओं के बावजूद घाटी अभी भी सैलानियों के लिए है उतना ही खूबसूरत और सुरक्षित

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: February 25, 2023 13:57 IST

आपको बता दें कि कश्मीर में एकमात्र केवल गुलमर्ग ही नहीं है बल्कि कश्मीर वादी अर्थात धरती के स्वर्ग पर पर्यटकों के लिए बर्फ से लदी पहाड़ियां, फूलों से गुलजार बाग-बगीचे, दिल को मोह लेने वाला टयूलिप गार्डन, हरी भरी वादियां, झीलें और झर्ने, यह सब धरती के स्वर्ग में बहुतयात में होने के कारण ही आज भी कश्मीर को जन्नत कहा जाता है।

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ठळक मुद्देकश्मीर अभी भी उतना ही खूबसूरत और सुरक्षित है जितना वह पहले था। यहां पर आने के लिए सैलानों के लिए कोई कारण नहीं होता है। कश्मीर में आए और गुलमर्ग नहीं देखा तो फिर क्या देखा है।

जम्मू: जब भी दिमाग में बर्फीली वादियों, झीलों और कल-कल बहते झरनों की तस्वीर उभरती है तो किसी का भी ध्यान बरबस कश्मीर की ओर ही खींचा चला आता है। आप यकीन मानिए कश्मीर आज भी उतना ही खूबसूरत है जितना कभी पहले था और सबसे बड़ी बात यह कि यह अब सुरक्षित भी है। तभी तो पिछले साल कश्मीर आने वाले पर्यटकों ने नया रिकार्ड बनाया था।

कश्मीर आने के लिए कोई एक ही कारण काफी है

कश्मीर आने के लिए कोई भी कारण दिमाग में रखा जा सकता है। धरती पर जन्नत देखनी है तो कश्मीर, अप्रैल-मई के अंत तक बर्फ देखनी है तो कश्मीर, झीलों के पानी पर तैरते हाउसबोटों और शिकारों में बैठ कर चांदनी रात में चांद को निहराना है तो भी कश्मीर और न जाने कितने कारण हैं जिनकी गिनती करते करते आप थक जाएंगें।

कश्मीर आने वालों का आकर्षण सिर्फ बर्फ ही नहीं है बल्कि सारा साल कश्मीर आने वालों का अब तांता लगा रहता है। देशभर में जब गर्मियां अपने यौवन पर होती हैं तो पहाड़ों की ठंडक लेने की खातिर कश्मीर वादी की ओर मुढ़ने वाले पर्यटकों के कदम जल्द वापस जाने को तैयार ही नहीं होते है। 

दो-चार दिन का प्लान बनाकर कश्मीर आने वाले अकसर बढ़ा देते है अपना समय यहां

यही कारण है कि दो-चार दिन का कार्यक्रम बना कर कश्मीर आने वाले अक्सर अपने कार्यक्रम में बदलाव कर इसे अब सात से आठ दिनों तक ले जाने लगे हैं। कारण स्पष्ट है कि कश्मीर में सिर्फ राजधानी शहर श्रीनगर ही खूबसूरत नहीं है बल्कि खूबसूरत और रमणीक स्थलों की सूची बहुत लंबी है।

कश्मीर में अनेकों ऐसे स्थान हैं जिनका चक्कर लगाए बगैर कश्मीर की यात्रा पूरी नहीं हो सकती। श्रीनगर शहर को ही अगर अच्छी तरह से देखना हो या फिर विश्व प्रसिद्ध डल झील में ही नौका विहार या हाउसबोट का मजा लेना हो तो दो दिन भी कम पड़ते हैं। ऐसे में कश्मीर आकर बर्फ का नजारा लेने के लिए गुलमर्ग की सैर किए बिना धरती के स्वर्ग की यात्रा कभी पूरी नहीं हो सकती।

अगर कश्मीर आकर गुलमर्ग नहीं देखा तो क्या देखा

विश्व के प्रसिद्ध हिल-स्टेशनों में गुलमर्ग एक माना जाता है। अगर सोनामर्ग को सोने की घाटी कहा जता है तो इसे फूलों की घाटी भी कहा जा सकता है और यहीं पर देश के सर्दियों की खेलें होती हैं क्योंकि यह अपनी बर्फ के लिए भी प्रसिद्ध है। हालांकि सारा साल आप जहां जा सकते हैं लेकिन अक्तबूर से मार्च का मौसम सबसे बढ़िया रहता है।

कश्मीर में एकमात्र केवल गुलमर्ग ही नहीं है बल्कि कश्मीर वादी अर्थात धरती के स्वर्ग पर पर्यटकों के लिए बर्फ से लदी पहाड़ियां, फूलों से गुलजार बाग-बगीचे, दिल को मोह लेने वाला टयूलिप गार्डन, हरी भरी वादियां, झीलें और झर्ने, यह सब धरती के स्वर्ग में बहुतयात में होने के कारण ही आज भी कश्मीर को जन्नत कहा जाता है। 

अगर वह सब कुछ आपको कश्मीर में मिल रहा है जिसकी तस्वीर आपके जहन में बसी है तो फिर देर किस बात की है। चले आईए कश्मीर में स्वर्ग सा आनंद और जन्नत का नजारा लेने की खातिर। बर्फ अभी भी है पहाड़ों पर शायद आपका ही इंतजार कर रही है। 

टॅग्स :जम्मू कश्मीरGulmargशिकारा
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