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'तालिबानी बयान' पर कैलाश विजयवर्गीय का पलटवार, कहा- जम्मू-कश्मीर के लोग जानते हैं कि महबूबा मुफ्ती ने कैसे उनका शोषण किया

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 23, 2021 09:09 IST

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के 'तालीबानी बयान' पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजवर्गीय ने निशाना साधते हुए कहा कि लोग अब महबूबा मुफ्ती का समर्थन नहीं करते. उन्होंने कहा, स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर की हर पंचायत में तिरंगा फहराया गया. जम्मू-कश्मीर के लोग जानते हैं कि महबूबा मुफ्ती ने कैसे उनका शोषण किया है. महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर के लोगों के सामने बेनकाब हो चुकी हैं. 

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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के 'तालीबानी बयान' पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजवर्गीय ने निशाना साधते हुए कहा कि लोग अब महबूबा मुफ्ती का समर्थन नहीं करते. उन्होंने कहा, स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर की हर पंचायत में तिरंगा फहराया गया. जम्मू-कश्मीर के लोग जानते हैं कि महबूबा मुफ्ती ने कैसे उनका शोषण किया है. महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर के लोगों के सामने बेनकाब हो चुकी हैं. 

बता दें कि महबूबा के विवादित बयान पर इससे पहले केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा था कि, यह उनकी (महबूबा मुफ्ती की) पुरानी आदत है कि वे ऐसी टिप्पणी करतीं हैं जो देश के हित में नहीं हैं. अनुराग ठाकुर ने कहा कि, उन्हें समझना चाहिए कि धारा 370 हमेशा के लिए हटा दी गई है. केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों से लगातार बात कर रही है लेकिन महबूबा कुछ ओर ही बात कर रही हैं. 

वहीं केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने महबूबा के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि, कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सहिष्णुता हमारी संस्कृति और परंपरा है लेकिन आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस हमारा संकल्प है. उस संकल्प के साथ, भारत और उसके लोग आगे बढ़ रहे हैं. इस तरह के बयान देने वालों के कुछ द्वेषपूर्ण इरादे हैं.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक विवादित बयान दिया था. महबूबा ने अपने बयान में कहा था कि अपने पड़ोसी (अफगानिस्तान) को देखो. जहां से महाशक्ति अमेरिका को अपनी सेना वापस बुलानी पड़ी. अमेरिका बोरिया-बिस्तर बांधकर वापस जाने पर मजबूर हो गया. इतना ही नहीं महबूबा ने इसक बाद कहा, अगर केंद्र सरकार वाजपेयी के सिद्धांत पर वापस नहीं आती है और बातचीत शुरू नहीं करती, तो बर्बादी होगी. 

महबूबा ने अपने बयान में कहा था, कश्मीरी कमजोर नहीं हैं, वे बहुत बहादुर और धैर्यवान हैं. धैर्य रखने के लिए बहुत साहस चाहिए. जिस दिन सब्र की दीवार टूट जाएगी, तुम परास्त हो जाओगे. आजादी के बाद अगर भाजपा की सरकार बनी होती तो जम्मू-कश्मीर भारत में न होता.

टॅग्स :जम्मू कश्मीरकैलाश विजयवर्गीयमहबूबा मुफ़्ती
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