लाइव न्यूज़ :

जेएनयू में रामनवमी पूजा और नॉन वेज को लेकर लेफ्ट-ABVP के छात्रों में झड़प, कावेरी हॉस्टल में बवाल

By विनीत कुमार | Updated: April 11, 2022 07:40 IST

दिल्ली के जेएनयू में रविवार को रामनवमी के दिन हिंसक झड़प हो गई। झड़प एबीवीपी और लेफ्ट के छात्रों के बीच हुई। लेफ्ट के छात्रों ने एबीवीपी पर रामनवमी के दिन नॉनवेज खाने से रोकने का आरोप लगाया। वहीं ABVP ने दावा किया कि रामनवमी पर आयोजित पूजा कार्यक्रम में लेफ्ट के छात्रों ने बाधा डाली।

Open in App
ठळक मुद्देआरोप लगा कि एबीवीपी के सदस्यों ने लेफ्ट के छात्रों को रामनवमी के मौके पर हॉस्टल में मांसाहार भोजन खाने से रोका।दूसरी ओर एबीवीपी ने आरोपों से इनकार करते हुए लेफ्ट छात्रों द्वारा रामनवमी पूजा में बाधा डालने का दावा किया।पुलिस के अनुसार इस झड़प में 6 छात्र घायल हुए, कई वीडियो भी इस झड़प के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कावेरी हॉस्टल में रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और लेफ्ट के छात्र संगठनों में भिडंत हो गई। सामने आई जानकारी के अनुसार पूरा विवाद रामनवमी की पूजा और नॉनवेज खाने को लेकर हुआ। पुलिस ने बताया है कि 6 छात्र घायल हुए हैं पर किसी की चोट गंभीर नहीं है।

ABVP पर नॉन वेज खाने से रोकने का आरोप

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की ओर से आरोप लगाया गया कि  एबीवीपी के सदस्यों ने लेफ्ट के छात्रों को रामनवमी के मौके पर हॉस्टल में मांसाहार भोजन खाने से रोका और हिंसा का माहौल बनाया। वहीं, एबीवीपी की ओर से आरोपों से इनकार किया गया है। इसके उलट एबीवीपी ने दावा किया कि रामनवमी पर छात्रावास में आयोजित पूजा कार्यक्रम में लेफ्ट के छात्रों ने बाधा डाली। 

दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पथराव करने और अपने-अपने सदस्यों के घायल होने का आरोप लगाया। इस बीच, हिंसा जुड़े कई कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। एक वीडियो में अख्तरिस्ता अंसारी नाम के छात्र के सिर से खून बहता दिख रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। 

यूनिवर्सिटी ने जारी किया नोटिस

इस बीच इंडिया टुडे के अनुसार यूनिवर्सिटी ने झड़प के बाद नोटिस जारी कर कहा है कि कैंपस मेस में मांसाहार खाने पर कोई पाबंदी नहीं है। इसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई रोक नहीं है।

जेएनयू के रेक्टर अजय दुबे ने कहा, 'हर कोई अपने अपने धर्म का पालन कर सकता है। मेस छात्र समिति द्वारा चलाया जाता है और मेनू भी उनके द्वारा तय किया जाता है। फिलहाल कार्रवाई की गई है। वार्डन ने एक नोटिस जारी किया है और यह स्पष्ट किया गया है कि हर व्यक्ति अपने विश्वास के अनुसार पूजा कर सकता है। यूनिवर्सिटी में इस पर कोई रोक नहीं है।

जेएनयूएसयू और एबीवीपी ने अलग-अलग मार्च निकाला

बहरहाल, इस झड़प के विरोध में रविवार को जेएनयूएसयू और एबीवीपी ने विश्वविद्यालय परिसर के अंदर अलग-अलग मार्च निकाला। जेएनयूएसयू ने परिसर के अंदर मार्च निकाला और फिर कथित हमले के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वसंत कुंज पुलिस स्टेशन गए। ढपली पीटते हुए छात्रों ने परिसर के अंदर मार्च किया और एबीवीपी के खिलाफ नारेबाजी की। 

उन्होंने 'एबीवीपी कार्यकर्ताओं' के वीडियो भी साझा किए, जिनमें छात्रों पर वाइपर और लाठियों से हमला होता दिख रहा है। एबीवीपी ने भी वामपंथी संगठनों के विरोध में परिसर के अंदर मार्च निकाला। उन्होंने छात्रों के कथित वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि 'वाम-संबद्ध संगठनों' के कार्यकर्ताओं ने इन छात्रों की पिटाई की।  

(भाषा इनपुट)

टॅग्स :जवाहरलाल नेहरूअखिल भारतीय विद्यार्थी परिषदलेफ्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतकाम के बोझ से अभिजात वर्ग की नींद उड़ी!, हर दिन 20 घंटे तक काम?

भारतNamaz Row at Lal Baradari: लाल बारादरी में नमाज अदा करने पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने 13 छात्रों को भेजा नोटिस, 50,000 रुपये का बॉन्ड भरने का दिया आदेश

बॉलीवुड चुस्कीमाउंटबेटन का सिने प्रेम, भारत की आजादी और बाफ्टा पुरस्कार

भारत'वंदे मातरम' के पहले दो छंदों के इस्तेमाल का फैसला सिर्फ नेहरू का नहीं था, खरगे

भारतवंदे मातरम् के दो टुकड़े न करते तो देश का विभाजन नहीं हुआ होता, गृह मंत्री अमित शाह

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर