लाइव न्यूज़ :

Jammu Kashmir: आतंकी मसूद अजहर की तालिबानी नेताओं से मुलाकात, भारतीय सुरक्षाबलों ने कश्मीर के अंदर और सीमाओं में पुख्ता किए सुरक्षा इंतजाम

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: August 28, 2021 18:41 IST

जैश-ऐ-मुहम्मद के मुखिया मसूद अजहर की अफगानिस्तान में तालिबानी नेताओं से मुलाकात की खबरों के बाद कश्मीर के भीतर और सीमाओं पर तालिबान से निपटने की तैयारियां तेज हो चुकी हैं. सुरक्षाधिकारियों को पूरी आशंका है कि पाक समर्थित आतंकी गुटों की ‘मदद’ के लिए तालिबान कश्मीर में घुसपैठ करेंगें.

Open in App
ठळक मुद्देजैश-ऐ-मुहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर ने की तालिबानी नेताओं से मुलाकातजम्मू-कश्मीर में जारी किया गया अलर्ट, कश्मीर के अदंर और सीमाओं पर बढ़ाई गई सुरक्षाएलएसी और एलओसी पर घुसपैठ रोकने के प्रबंध पहले से और पुख्ता

जैश-ऐ-मुहम्मद के मुखिया मसूद अजहर की अफगानिस्तान में तालिबानी नेताओं से मुलाकात की खबरों के बाद कश्मीर के भीतर और सीमाओं पर तालिबान से निपटने की तैयारियां तेज हो चुकी हैं. सुरक्षाधिकारियों को पूरी आशंका है कि पाक समर्थित आतंकी गुटों की ‘मदद’ के लिए तालिबान कश्मीर में घुसपैठ करेंगें.

यूं तो भारतीय सेनाधिकारी दावा करते हैं कि कश्मीर के भीतर, एलओसी और सीमाओं पर घुसपैठियों से निपटने के लिए किए जाने वाले प्रबंध बहुत ही पुख्ता हैं, फिर भी उन्हें यहां एलओसी के गैपों की चिंता सता रही है. वहीं अब अन्य रास्तों से आने वाले आतंकियों की बढ़ती संख्या परेशानी का सबब बनते जा रही है.

एक सेनाधिकारी के बकौलः‘हमारे जवान के लिए आतंकी, आतंकी ही होता है. वह चाहे जैश से संबंध रखने वाला हो या फिर तालिबान से. हम उसे मार गिराएंगें.’ वे मानते थे कि अगर तालिबान के कदम कश्मीर की ओर मुढ़े तो एलओसी पर आने वाले दिनों में खूनी भिड़ंतों में इजाफा होगा.

ऐसी मुठभेड़ों से निपटने के लिए एलओसी के गैप भरने व अतिरिक्त कुमुक की रवानगी अगानिस्तान के तालिबान के हाथों चले जाने के दिन से ही आरंभ हो चुकी है. साथ ही अब कश्मीर में होने वाली मुठभेड़ों के ट्रेंड पर भी नजर रखी जा रही है ताकि अंदाजा लगाया जा सके कि इन मुठभेड़ों में कोई तालिबानी तो शामिल नहीं है.

इसे अक्सर स्वीकार किया जाता रहा है कि लंबी और खतरनाक चलने वाली मुठभेड़ों में तालिबान से प्रशिक्षित आतंकी होते हैं या फिर कई बार अफगान मुजाहिदीन भी होते हैं जो अभी भी कुछ संख्या में कश्मीर में मौजूद हैं. ऐसी मुठभेड़ों के दौरान सुरक्षाबलों को भी कई बार बड़ी क्षति उठानी पड़ी है.

अब ऐसी क्षति से बचने को किए जाने वाले उपायों में एलओसी पर घुसपैठ रोधी तंत्र को मजबूत किया जा चुका है. सीमा पर ड्रोनों पर नजर रखी जा रही है तथा कश्मीर में बंकरों को मजबूती प्रदान करने के साथ ही एक बार फिर सैनिक ठिकानों के आसपास घूमने वाले संदिग्धों को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं.

टॅग्स :जम्मू कश्मीरतालिबानजैश-ए-मोहम्मदमसूद अजहरभारतीय सेना
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारत अधिक खबरें

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?