लाइव न्यूज़ :

Jammu-Kashmir: रामबन में भारी बारिश और भूस्खलन से मची तबाही, बाढ़ जैसे हालात, 100 से ज्यादा लोगों को बचाया गया

By अंजली चौहान | Updated: April 20, 2025 11:51 IST

Jammu-Kashmir: आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रविवार को रामबन जिले के सेरी बागना इलाके में बादल फटने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई।

Open in App

Jammu-Kashmir: जम्मू कश्मीर के रामबन जिले के एक गांव में रविवार को भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई जिसके बाद 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाशरी और बनिहाल के बीच करीब एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाएं हुईं जिनके कारण यातायात को रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि धर्म कुंड गांव में अचानक आई बाढ़ के कारण करीब 40 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। 

अधिकारियों ने बताया कि बादल फटने और लगातार बारिश के बावजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने फंसे हुए 100 से अधिक ग्रामीणों को बचाया। धर्मकुंड पुलिस ने बताया कि इलाके में फंसे करीब 90-100 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

उन्होंने बताया कि एक जलाशय के उफान पर होने के कारण कई वाहन बह गए। यातायात विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि नाशरी और बनिहाल के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन, मिट्टी धंसने और पत्थर गिरने की घटनाओं के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। 

उन्होंने बताया कि राजमार्ग पर बारिश जारी है और लोगों को मौसम में सुधार होने तथा सड़क साफ होने तक मुख्य सड़क पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है। 

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी गई है और अलग-अलग इलाकों में तीव्र बारिश की संभावना है। 21 अप्रैल को हल्की बारिश के साथ मौसम आमतौर पर बादल छाए रहने की उम्मीद है, इससे पहले 22 से 28 अप्रैल के बीच मौसम शुष्क रहेगा।

अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर के अधिकांश इलाकों में रात के समय गरज के साथ बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं, कुछ इलाकों में ओले गिरे जिससे बागों में लगी फसलें बर्बाद हो गईं। इस बीच, एडवाइजरी में किसानों से 21 अप्रैल तक सभी कृषि गतिविधियों को निलंबित करने और संभावित भूस्खलन, मिट्टी के धंसने और संवेदनशील इलाकों में पत्थर गिरने के बारे में चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों को प्रशासनिक और यातायात संबंधी सलाह का बारीकी से पालन करने की सलाह दी गई है।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरमौसमबाढ़
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारत अधिक खबरें

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत