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नीमच पीआरओ के ट्विटर हैंडल से लिखा गया- कांग्रेस डूबता हुआ जहाज है, दिग्विजय सिंह ने जताई आपत्ति, सीएम से की कार्रवाई की मांग

By अनिल शर्मा | Updated: May 28, 2022 16:38 IST

दिग्विजय सिंह ने लिखा- माननीय मुख्यमंत्री जी, मुख्य सचिव महोदय क्या PRO Neemuch के अधिकृत सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणी करने के लिए भी आपने अधिकृत किया गया है?

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ठळक मुद्देनीमच पीआरओ के राजनीतिक टिप्पणी को लेकर दिग्विजय सिंह ने नाराजगी जाहिर की हैकांग्रेस नेता ने नीमच पीआरओ को फटकार लगाते हुए कहा कि अधिकारियों को नेता नगरी की पक्षपात से दूर रहना चाहिए

मध्य प्रदेश के नीमच जिला प्रशासन के पीआरो के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कांग्रेस को डूबता हुआ जहाज बताया गया है। इस बात को लेकर कांग्रेस नेता व एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट का स्नैप शॉट साझा करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान से नीमच पीआरओ को बर्खास्त करने की मांग की है।

दरअसल यूथ कांग्रेस प्रमुख श्रीनिवास बी.वी. ने उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता नकुल दुबे के गुरुवार कांग्रेस में शामिल होने पर उन्हें बधाई दी। ट्विटर पर दुबे की प्रियंका गांधी संग तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता, पूर्व मंत्री श्री नकुल दुबे जी का कांग्रेस परिवार में स्वागत है। इसी ट्वीट पर नीमच पीआरओ के ट्विटर हैंडल से कांग्रेस को डूबता हुआ जहाज बताया गया। श्रीनिवास के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए नीमच पीआरओ ने लिखा-  बुझे हुए चिरागों से रोशनी नहीं आती है, कांग्रेस एक डूबजा हुआ जहाज है। गौरतलब है कि इस टिप्पणी के साथ योगी आदित्यनाथ हैशटैग का इस्तेमाल भी किया गया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस पर आपत्ति जाहिर की  है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से इस ट्वीट को साझा करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान से पीआरओ को बर्खास्त करने की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने लिखा- माननीय मुख्यमंत्री जी, मुख्य सचिव महोदय क्या PRO Neemuch के अधिकृत सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणी करने के लिए भी आपने अधिकृत किया गया है?  क्या यह नियम विरुद्ध नहीं है?  क्या आप PRO Neemuch को निलंबित कर बर्खास्त करने की कार्रवाई करेंगे? 

कांग्रेस नेता ने आगे लिखा कि PROJSNeemuch क्या एक आधिकारिक हैंडल से पॉलिटिकल कमेंट किए जा सकते हैं ? क्या ये सही है?  अधिकारियों को नेता नगरी की पक्षपात से दूर रहना चाहिए ?  अधिकारियों का पक्षपात घातक है ?

टॅग्स :दिग्विजय सिंहनीमचमध्य प्रदेशकांग्रेस
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