नई दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को एक औपचारिक नोटिस भेजा है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और संबंधित IT नियमों के तहत कानूनी ड्यू डिलिजेंस ज़रूरतों का पालन करने में गंभीर कमियों का हवाला दिया गया है। सरकार ने X के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल, ग्रोक, के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई है, जिसका इस्तेमाल अश्लील, यौन रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक सामग्री बनाने और फैलाने के लिए किया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, ऐसे कंटेंट ने महिलाओं और बच्चों को ज़्यादा निशाना बनाया है, जो गरिमा, प्राइवेसी और ऑनलाइन सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। MeitY ने इस मुद्दे को गंभीर चिंता का विषय बताया और ज़ोर दिया कि प्लेटफॉर्म कानूनी तौर पर गैर-कानूनी कंटेंट को फैलने से रोकने के लिए बाध्य हैं।
नोटिस में X को Grok के टेक्निकल सुरक्षा उपायों और गवर्नेंस सिस्टम का तुरंत आकलन करने और उन्हें मज़बूत करने का निर्देश दिया गया है। इसे टूल के ज़रिए बनाए गए सभी गैर-कानूनी कंटेंट को हटाने, ऐसे उल्लंघनों के लिए ज़िम्मेदार यूज़र्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने और 72 घंटे के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने का भी निर्देश दिया गया है।
मंत्रालय ने चेतावनी दी कि नियमों का पालन न करने पर X IT एक्ट के तहत अपनी सेफ हार्बर सुरक्षा खो सकता है। इसने आगे चेतावनी दी कि लगातार उल्लंघन करने पर लागू साइबर कानूनों, आपराधिक कानूनों और बाल संरक्षण नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।