लाइव न्यूज़ :

लद्दाख में दुनिया का सबसे ऊंचा एयबेस बना रहा है भारत, राजनाथ सिंह ने रखा नींव का पत्थर, चीन को मिलेगा करारा जवाब

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: September 12, 2023 16:26 IST

ये दुनिया का सबसे ऊंचा एयरबेस होगा। यहां होने का मतलब वो सामरिक मजबूती है जिसकी चीन के खिलाफ भारत को ज़रूरत थी। अभी फुकचे, दौलत बेग ओल्डी और न्योमा में एडवांस लैंडिंग ग्राउंड हैं, जहां सिर्फ ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ही उड़ान भर सकते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देलद्दाख में दुनिया के सबसे ऊंचे एयरबेस न्योमा का निर्माण कर रहा है भारतरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रखा नींव का पत्थरनए फाइटर एयरबेस पर क़रीब 218 करोड़ की लागत आएगी

जम्मू: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा वर्चुअली लद्दाख में दुनिया के सबसे ऊंचे एयरबेस न्योमा के नींव का पत्थर रखने के बाद चीन की त्यौरियां चढ़ गई हैं। रक्षा विशेषज्ञों को आशंका है कि भारत सरकार के इस फैसले के बाद चीन सीमा पर तनातनी का माहौल और बढ़ेगा। राजनाथ सिंह ने जम्मू में आज वर्चुअली इस एयरबेस की नींव पत्थर रखा था। सरकार ने यह घोषणा की है कि चीन के साथ एलएसी पर चल रही तनातनी को देखते हुए, इसका निर्माण सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ करेगा।

दरअसल पिछले कुछ अरसे से भारत पूर्वी लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ), फुकचे और न्योमा सहित कई एयरबेस बनाने के विकल्पों पर विचार कर रहा था, जो चीन के साथ एलएसी से कुछ ही मिनटों की दूरी पर हैं। न्योमा एएलजी से अपाचे हेलीकाप्टरों, चिनूक हेवी-लिफ्ट हेलीकाप्टरों और एमआई -17 हेलीकाप्टरों से गरुड़ स्पेशल फोर्स का संचालन चीनी सेना द्वारा घुसपैठ के बाद से किया जा रहा है। दरअसल एलएसी के निकट होने के कारण न्योमा एएलजी का सामरिक महत्व है। यह लेह हवाई क्षेत्र और एलएसी के बीच महत्वपूर्ण अंतर को पाटता है, जिससे पूर्वी लद्दाख में जवानों और सामग्री की त्वरित आवाजाही को सक्षम बनाता है, जिससे इलाके की कठिनाईयों को पार किया जा सके।

न्योमा 13 हजार 700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसकी कुल लागत 218 करोड़ रुपए आने जा रही है। यह हवाईक्षेत्र तैयार होने के बाद यहां से भारतीय वायु सेना के लड़ाकू जहान चीन का मुकाबला करने के लिए हमेशा चुस्त और तैयार रहेंगे। चीन की आंख में आंख डालकर उसकी नश्तर तक उतरने के लिए न्योमा का यह एयरबेस काफी होगा। न्योमा के इस एयबेस से भारतीय वायुसेना को रणनीतिक तौर काफी फायदा होगा। इस एयरफील्ड की खासियत ये है कि चीन यहां से सिर्फ 35 किलोमीटर दूर है। अगले तीन साल के भीतर यहां वायुसेना का एयरबेस  तैयार होगा।

इस नए फाइटर एयरबेस पर क़रीब 218 करोड़ की लागत आएगी। ये दुनिया का सबसे ऊंचा एयरबेस होगा। यहां होने का मतलब वो सामरिक मजबूती है जिसकी चीन के खिलाफ भारत को ज़रूरत थी। अभी फुकचे, दौलत बेग ओल्डी और न्योमा में एडवांस लैंडिंग ग्राउंड हैं, जहां सिर्फ ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ही उड़ान भर सकते हैं। अब न्योमा में फाइटर बेस बनने से वायुसेना की बढ़ी हुई ताक़त का एक और पैमाना होगा।

यह लद्दाख का तीसरा फाइटर एयरबेस होने जा रहा है। फिलहाल लद्दाख में लेह और परतापुर में दो फाइटर एयरफील्ड हैं, जहां से फाइटर आपरेशन होते हैं। बीते तीन साल से खास कर चीन से जो टकराव चल रहा है, उसमें इस एयरबेस का बनना काफी अहम बात है। इसकी तैयारी भर से बातचीत की मेज पर भारत का दावा कुछ और मज़बूत हो जाएगा। योजना के अनुसार, नए हवाई क्षेत्र और सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण सीमा सड़क संगठन द्वारा किया जाएगा। इस क्षेत्र से लड़ाकू विमानों के संचालन की क्षमता से वायु सेना की विरोधियों द्वारा किसी भी दुस्साहस से तेजी से निपटने की क्षमता मजबूत होगी।

टॅग्स :लद्दाखराजनाथ सिंहइंडियन एयर फोर्सLine of Actual Controlचीन
Open in App

संबंधित खबरें

भारतIndian Navy Warship INS Taragiri: समंदर तूफान में INS तारागिरी, ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से लैस, जानें खासियत

कारोबारअमेरिका-इजराइल ईरान युद्ध के बीच रूस का खामोश खेल

विश्वक्या जख्म पर मरहम लगाएंगे बालेन शाह?

कारोबारलद्दाखः रोमांच, खूबसूरती और प्यार?, एप्रीकोट ब्लासम फेस्टिवल का आनंद उठाने चले आईए?

भारतलद्दाख के ज़ोजिला दर्रे पर हिमस्खलन की चपेट में आने से वाहन दबे, 7 की मौत और कई घायल

भारत अधिक खबरें

भारतआप इधर-उधर क्यों घूम रहे हैं?, स्कूल क्यों नहीं जाते?, तो जवाब देते कि बहुत दूर, सीएम योगी ने कहा- अब भैंस के साथ नहीं खेलते बच्चे?, वीडियो

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारतबाबा विश्वनाथ और ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव में दर्शन-पूजन, सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे मंदिर, वीडियो

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट