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भारत एलएसी पर एकतरफा बदलाव स्वीकार नहीं कर सकता : चीन के साथ जारी गतिरोध पर राजनाथ ने कहा

By भाषा | Updated: December 30, 2020 21:44 IST

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नयी दिल्ली, 30 दिसंबर पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सात महीने से ज्यादा समय से चल रहे गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर एकतरफा बदलाव को भारत कभी स्वीकार नहीं कर सकता और उम्मीद जतायी कि बातचीत से इसका समाधान निकलेगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत अपने स्वाभिमान और सम्मान से कभी समझौता नहीं कर सकता।

रक्षा मंत्री ने कहा कि संभावना है कि आगे भी सैन्य और कूटनीतिक, दोनों स्तरों पर बातचीत होगी।

मई की शुरुआत से ही पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध चल रहा है और दोनों पक्षों के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।

क्या चीन की कोशिश एलएसी में बदलाव कर उसे स्थायी बनाने की है, यह पूछे जाने पर सिंह ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘नहीं ऐसा कैसे हो सकता है। जो स्थिति पहले थी वही रहेगी। एकतरफा बदलाव को भारत स्वीकार कर ही नहीं सकता है।’’

पूर्वी लद्दाख में विभिन्न पहाड़ियों पर भारतीय सेना ने करीब 50,000 से ज्यादा सैन्यकर्मियों को तैनात किया है। अधिकारियों के मुताबिक चीन ने भी इतने ही सैनिकों की तैनाती की है।

सिंह ने कहा, ‘‘बातचीत चल रही है। संभावना है अभी आगे भी सैन्य व कूटनीतिक, दोनों स्तरों पर बातचीत होगी। भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि बातचीत से इसका समाधान निकलेगा।’’

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते बनाकर रखना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘चीन हमारा पड़ोसी देश है और उनकी ओर से कोई आक्रामकता नहीं होनी चाहिए। भारत का इतिहास भी रहा है कि हमने किसी भी देश पर न कभी आक्रमण किया न किसी देश की एक इंच जमीन पर कब्जा किया। लेकिन यह भी तथ्य है भारत अपने स्वाभिमान व सम्मान से कभी समझौता नहीं कर सकता।’’

भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगोग झील वाले क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पांच मई को गतिरोध शुरू हुआ। पैंगोंग झील की घटना के बाद नौ मई को उत्तरी सिक्किम में इसी तरह की घटना हुई।

भारत और चीन के बीच राजनयिक स्तर पर अंतिम दौर की वार्ता 18 दिसंबर को हुई थी। इसमें दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास टकराव वाले सभी स्थानों से ‘जल्द’ सैनिकों की पूर्ण वापसी सुनिश्चित करने के लिए आगे काम करने पर सहमत हुए।

बैठक में जल्द सैन्य स्तर के अगले दौर की वार्ता को लेकर भी सहमति बनी ताकि दोनों पक्ष मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों के अनुरूप सैनिकों को जल्द पीछे हटाने पर काम करे। हालांकि, सैन्य स्तर के नौवें दौर की वार्ता के लिए अब तक तारीख निर्धारित नहीं हुई है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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