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2022 में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं राजधानी दिल्ली में हुई, पूरे देश में 17000 से अधिक लोगों ने गंवाई जान

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: November 1, 2023 20:14 IST

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में 5,652 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, इसके बाद इंदौर (4,680), जबलपुर (4,046), बेंगलुरु (3,822), चेन्नई (3,452), भोपाल (3,313), मल्लापुरम (2,991), जयपुर (2,687), हैदराबाद (2,516) और कोच्चि (2,432) का स्थान आता है।

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ठळक मुद्देदिल्ली में वर्ष 2022 में सर्वाधिक 5,652 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं 50 शहरों में सड़क हादसों के कारण 17000 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ीकुल 76,752 सड़क दुर्घटनाएं 50 शहरों में 2022 में दर्ज की गईं

नई दिल्ली: देश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले बड़े शहरों में से दिल्ली में वर्ष 2022 में सर्वाधिक 5,652 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं और इंदौर तथा जबलपुर क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे, जबकि इस दौरान इस तरह के 50 शहरों में सड़क हादसों के कारण 17000 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में 5,652 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, इसके बाद इंदौर (4,680), जबलपुर (4,046), बेंगलुरु (3,822), चेन्नई (3,452), भोपाल (3,313), मल्लापुरम (2,991), जयपुर (2,687), हैदराबाद (2,516) और कोच्चि (2,432) का स्थान आता है। रिपोर्ट के मुताबिक, दस लाख की आबादी वाले 50 शहरों में हुई कुल सड़क दुर्घटनाओं में से 46.37 प्रतिशत हादसे इन 10 शहरों में हुए।

कुल 76,752 सड़क दुर्घटनाएं इन 50 शहरों में 2022 में दर्ज की गईं, जिनमें 17,089 लोगों की जान चली गई और 69,052 लोग घायल हो गए। ये शहर 17 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित हैं। देश में कुल दुर्घटनाओं में से 16.6 प्रतिशत और दुर्घटना से संबंधित कुल मौतों में से 10.1 प्रतिशत मौतें इन शहरों में हुईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 की तुलना में 2022 में चेन्नई, धनबाद, लुधियाना, मुंबई, पटना और विशाखापत्तनम को छोड़कर 10 लाख से अधिक आबादी वाले सभी शहरों में सड़क दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना के कारण हुईं लगभग 68 प्रतिशत मौतें ग्रामीण क्षेत्रों में हुईं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 32 प्रतिशत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब और मादक पदार्थों के प्रभाव में गाड़ी चलाने, लाल बत्ती का उल्लंघन करने और मोबाइल फोन पर बात करने के कारण हुई दुर्घटनाएं कुल सड़क दुर्घटनाओं का 7.4 प्रतिशत हैं, जबकि इस वजह से होने वाले हादसों से मरने वालों की संख्या सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुई कुल मौतों की 8.3 प्रतिशत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति लाख जनसंख्या पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की संख्या वर्ष 2021 के 30.3 से बढ़कर वर्ष 2022 में 33.5 हो गई। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2022 में कुल 4,16,312 सड़क हादसे हुए जिनमें 1,68,491 लोगों की मौत हो गई। 

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