लाइव न्यूज़ :

आईआईएमसी दिल्ली का दिल्ली परिसर में व्यावहारिक कक्षाएं संचालित करने का निर्णय

By भाषा | Updated: April 9, 2021 21:33 IST

Open in App

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने अपने नयी दिल्ली परिसर में 26 अप्रैल से विभिन्न स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए व्यावहारिक:प्रैक्टिकल: कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया है।

आईआईएमसी के कई छात्रों ने व्यावहारिक कक्षाओं के लिए परिसर को फिर से खोलने की मांग को लेकर सोमवार को धरना दिया था।

चूंकि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण पहले सेमेस्टर में व्यावहारिक कक्षाएं नहीं हो सकी थीं, इसलिए प्रदर्शनकारी छात्रों ने संस्थान से छात्रों के लिए व्यवस्था करने की मांग की थी।

संस्थान ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि विभिन्न पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए कक्षा व्यावहारिक सत्र जैसे लैब जर्नल तैयार करना और अन्य अभ्यास 26 अप्रैल से शुरू होगा।

उसने कहा कि हालांकि, अंतिम "प्रयोगशाला आवंटन और समय के विवरण के साथ समय सारिणी" सभी पाठ्यक्रम निदेशकों द्वारा ‘‘छात्रों से अगले 2 से 3 दिनों में व्यक्तिगत रूप से कक्षा में उपस्थित होने के लिए सहमति प्राप्त करने के बाद’’ तैयार की जाएगी।

इसमें कहा गया है, ‘‘छात्र सहमति फॉर्म भर सकते हैं तथा इसके साथ उन्हें अपने अभिभावकों द्वारा हस्ताक्षरित सहमतिपत्र साथ रखनी होगी जब वे पहली बार कक्षाओं में उपस्थित होंगे। छात्रों को संस्थान में आने पर कोविड-19 की नेगेटिव का प्रमाण पत्र (आरटीपीसीआर) भी पेश करना होगा।’’

चूंकि आईआईएमसी का दिल्ली केंद्र उर्दू पत्रकारिता सहित पांच पाठ्यक्रम संचालित करता है, इसलिए कंप्यूटर लैब और उनके समय को ‘‘पाठ्यक्रम या पाठ्यक्रम की आवश्यकताओं के आधार पर समान रूप से समायोजित या विभाजित’’ किया जाएगा।

आईआईएमसी ने कहा, ‘‘अंतिम सारिणी अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक जारी की जाएगी। प्रयास इसका होगा कि प्रत्येक पाठ्यक्रम के छात्र सप्ताह में दो बार प्रैक्टिकल सत्र में शामिल हों।’’

थ्योरी क्लास ऑनलाइन चलती रहेंगी।

छात्रों ने छात्राओं और छात्रों, दोनों के लिए छात्रावास खोलने की मांग उठाई थी। सेंटर ने सभी बाहरी छात्रों को ‘‘अपने स्वयं के रहने की व्यवस्था करने के लिए कहा है क्योंकि छात्रावास खोलने पर निर्णय तब तक नहीं लिया जाएगा जब तक कि महामारी की स्थिति में सुधार नहीं होता।’’

बयान में कहा गया है, ‘‘संस्थान के उपरोक्त फैसले महामारी की उभरती स्थिति, विभिन्न सरकारी फैसलों या परिपत्रों और राज्य एवं केंद्रीय प्राधिकारियों द्वारा यात्रा और ठहरने संबंधी पाबंदियों पर आधारित हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीनागपुर पहुंचे 'धुरंधर' रणवीर सिंह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात, 90 मिनट रहे संघ मुख्यालय?

क्राइम अलर्टचाचा ने किया रेप, 16 वर्षीय भतीजी ने खाया जहर, सरकारी अस्पताल में मौत

क्रिकेट200 रन के साथ नंबर-1 वैभव?, rcb के खिलाफ तबाही, विराट कोहली ने सूर्यवंशी के लिए लिखा खास संदेश?

क्राइम अलर्टKarnataka: केरल की किशोरी की चिक्कमगलुरु में मौत; लापता होने के कुछ दिनों बाद मिला शव

क्राइम अलर्टHyderabad: शादी से इनकार करने पर शख्स ने इंजेक्शन से दिया HIV का संक्रमण, खौफ में महिला ने की आत्महत्या

भारत अधिक खबरें

भारतRJD का चुनावी दांव, भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव के लिए इस उम्मीदवार पर जताया भरोसा

भारतमथुरा हादसे के बाद जारी है सर्च ऑपरेशन, प्रधानमंत्री ने की सहायता राशि की घोषणा; अब तक 10 की मौत

भारतचुनावी हिंसा के लिए आखिर कौन जिम्मेदार ?

भारतपरमाणु ऊर्जा की नई सुबह: ‘ईंधन खत्म होने’ के डर को चुनौती

भारतमहात्मा ज्योतिराव फुलेः 200वें जयंती, भारत के दिव्य पथ-प्रदर्शक