लाइव न्यूज़ :

आईएएस अधिकारी ने कैट से हासिल किया आदेश, उन्हें आंध्र प्रदेश कैडर से जुड़ने की मिली अनुमति

By भाषा | Updated: December 13, 2020 22:18 IST

Open in App

अमरावती, 13 दिसंबर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों के अधूरे बंटवारे का विषय एक वरिष्ठ नौकरशाह द्वारा केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) से आंध्र प्रदेश में तैनाती का आदेश हासिल करने के बाद एक बार फिर से चर्चा में आया है।

आंध्र प्रदेश की वाईएस जगनमोहन रेड्डी सरकार कैडर विभाजन के मामले पर लंबित अदालती वाद को वापस लेने पर निर्णय नहीं कर रही है। इस बीच, 1988 बैच की आईएएस अधिकारी येर्रा श्रीलक्ष्मी कैट पहुंच गयीं और उन्होंने अपनी तैनाती तेलंगाना से आंध्रप्रदेश में कराने का आदेश पिछले महीने हासिल किया।

आंध्र प्रदेश सरकार ने शनिवार आधीरात के बाद आदेश जारी करके श्रीलक्ष्मी को ड्यूटी में ले लिया लेकिन उनकी पदस्थापना केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की पुष्टि के बाद ही अंतिम मानी जाएगी।

श्रीलक्ष्मी जून, 2014 में राज्य के विभाजन के बाद कई अन्य आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों द्वारा हासिल किये गये कैट के मूल आदेश में पक्षकार नहीं थीं।

विभाजन के पांच साल से भी अधिक समय बाद तेलंगाना सरकार ने पिछले साल केंद्र को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय से मामले को वापस लेने की मंजूरी दी थी। दअरसल दोनों राज्य कैडरों के लिए आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों के आवंटन को लेकर कैट द्वारा जारी किये गये आदेशों को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी थी।

आंध्र प्रदेश सरकार भी बस एक ही आईएएस अधिकारी से जुड़े मामले को वापस लेने पर पिछले साल राजी हुई और उसने इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय को पत्र लिखा।

राज्य सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि चूंकि यह मामला कई अन्य अधिकारियों से जुड़ी समेकित याचिका से जुड़ा है, इसलिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने अबतक जवाब नहीं दिया है।

सूत्रों के अनुसार संबंधित नौकरशाह आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा कैडर विभाजन मुद्दे के समाधान पर निर्णय लिये जाने की बाट जोह रहे हैं जो पिछले छह साल से कानूनी विवाद में फंसा हुआ है। उधर, तेलंगाना कैट के आदेशों को लागू करने के लिये अब तैयार है।

आंध्र प्रदेश को जून, 2014 में आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना दो राज्यों में विभाजित किये जाने के बाद केंद्र द्वारा कैडर आवंटन कर देने के शीघ्र बाद कम से कम 11 आईएएस एवं छह आईपीएस अधिकारियों ने कैट का रुख किया था।

कैट ने अधिकारियों के पक्ष में व्यवस्था दी और निर्देश दिया कि उन्हें उनकी पसंद का कैडर दिया जाए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटRR vs MI: वैभव सूर्यवंशी ने बुमराह को भी नहीं बख़्शा, एमआई पेसर को जड़े 2 छक्के | VIDEO

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

ज़रा हटकेक्या है नंदगोपाल गुप्ता नंदी और यूपी के उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का नाता?

विश्वक्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ करेंगे परमाणु हथियार का इस्तेमाल?, व्हाइट हाउस ने दिया जवाब

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत अधिक खबरें

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र

भारतमहाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा टेस्ट अनिवार्य रूप से किया शुरू

भारतअसम का चुनाव अच्छा चल रहा, पवन खेड़ा के बड़बोलेपन की वजह से कांग्रेस की छवि को नुकसान?, उद्धव ठाकरे के प्रवक्ता आनंद दुबे बरसे, वीडियो