लाइव न्यूज़ :

किसान आंदोलन: दोनों पक्ष समाधान चाहते हैं लेकिन अलग विचारधारा वालों की वजह से दिक्कतें : सरकार

By भाषा | Updated: January 18, 2021 21:04 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 18 जनवरी तीन कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच मंगलवार को होने वाली 10वें दौर की वार्ता से एक दिन पहले सरकार ने सोमवार को कहा कि दोनों पक्ष मामले का जल्द समाधान चाहते हैं लेकिन अलग विचारधारा के लोगों की संलिप्तता की वजह से इसमें देरी हो रही है।

सरकार ने यह दावा किया कि नये कृषि कानून किसानों के हित में हैं और कहा कि जब भी कोई अच्छा कदम उठाया जाता है तो इसमें अड़चनें आती हैं। सरकार ने कहा कि मामले को सुलझाने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि किसान नेता अपने हिसाब से समाधान चाहते हैं।

सरकार और प्रदर्शनकारी 41 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार दोपहर 12 बजे 10वें दौर की वार्ता प्रस्तावित है।

उच्चतम द्वारा इस मामले को सुलझाने के मकसद से गठित समिति भी मंगलवार को अपनी पहली बैठक करेगी।

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘जब किसान हमसे सीधी बात करते हैं तो अलग बात होती है लेकिन जब इसमें नेता शामिल हो जाते हैं, अड़चनें सामने आती हैं। अगर किसानों से सीधी वार्ता होती तो जल्दी समाधान हो सकता था।’’

उन्होंने कहा कि चूंकि विभिन्न विचारधारा के लोग इस आंदोलन में प्रवेश कर गए हैं, इसलिए वे अपने तरीके से समाधान चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों पक्ष समाधान चाहते हैं लेकिन दोनों के अलग-अलग विचार हैं। इसलिए विलंब हो रहा है। कोई न कोई समाधान जरूर निकलेगा।’’

ज्ञात हो कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर पिछले लगभग 50 दिनों से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस बीच डिजिटल माध्यम से एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दोहराया कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिए लाभकारी होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकारें भी ये कानून लागू करना चाहती थीं लेकिन दबाव के कारण वे ऐसा नहीं कर सकीं। मोदी सरकार ने कड़े निर्णय लिए और ये कानून लेकर आई। जब भी कोई अच्छी चीज होती है तो अड़चने भी आती हैं।’’

10वें दौर की वार्ता से पहले मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के 270 कृषि उत्पादक संघों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रूपाला से मुलाकात की और तीनों कानूनों को वापस न लेने की अपील की। दूसरे कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी भी इस बैठक में उपस्थित थे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटIPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स की जीत का सिलसिला जारी, चौथे मैच में डिफेंडिंग चैंपियन RCB को 6 विकेट से धोया, ध्रुव-सूर्यवंशी ने खेली कमाल की पारियां

क्रिकेटआरसीबी के खिलाफ छक्कों की तूफानी बारिश करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने जड़ा IPL 2026 का सबसे तेज़ अर्धशतक

क्रिकेटRR vs RCB: कप्तान रजत पाटीदार ने शानदार अर्धशतक लगाकर आरसीबी को संकट से उबारा, 40 गेंदों में बनाए 63 रन

क्रिकेटRR vs RCB: रवि बिश्नोई ने विराट कोहली को किया क्लीन बोल्ड, प्रतिक्रिया में साफ झलकी निराशा, VIIDEO

भारत'SIR में हटाए गए 91 लाख वोटों में से 63% बंगाली हिंदू हैं', विधानसभा चुनावों से पहले अभिषेक बनर्जी का बड़ा दावा

भारत अधिक खबरें

भारतUP के वृंदावन में हादसा ! यमुना नदी में 30 पर्यटकों को ले जा रहा स्टीमर पलटा, 10 की मौत

भारत'₹15,000 देते रहो और खुश रहो': सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी से 16 साल से अलग रह रहे पति की तलाक़ की अर्ज़ी ठुकराई

भारतयूपी एसआईआरः 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 मतदाता?,  2 करोड़ 6000 मतदाताओं के नाम कटे, नंबर-1 प्रयागराज, देखिए टॉप-5 जिलेवार सूची?

भारतकिसके पास कौन सा मंत्रालय?, भाजपा-जदयू के बीच उलझा, मुख्यमंत्री पद के साथ गृह मंत्रालय पर अड़ी बीजेपी, बैठक रद्द?

भारतSIR के बाद यूपी की अंतिम वोटर लिस्ट जारी, 2.05 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए, ऐसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम