लाइव न्यूज़ :

कोविड-19 टीका विशेषज्ञ समूह से संबंधित रिकॉर्ड कहां रखे हैं, नहीं पता: स्वास्थ्य मंत्रालय

By भाषा | Updated: December 6, 2020 20:51 IST

Open in App

नयी दिल्ली, छह दिसंबर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा कि उसे मालूम नहीं है कि कोविड-19 के लिए टीका प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की बैठकों में वितरित एजेंडे से संबंधित रिकॉर्ड कहां रखे हैं।

कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनीशियेटिव के वेंकटेश नायक ने मंत्रालय से विशेषज्ञ समूह के संबंध में कई जानकारियां मांगी थीं, जिनमें उसके गठन से लेकर कामकाज और बैठकों की तारीख, प्रत्येक बैठक में जारी विस्तृत एजेंडे की प्रति, इसके सदस्यों के समक्ष दी गई प्रस्तुति तथा विदेश मंत्रालय के साथ साझा किये गए दस्तावेजों की जानकारी शामिल है।

नायक ने विशेषज्ञ समूह के अध्यक्ष तथा प्रत्येक सदस्य को प्रत्येक बैठक के लिये दिये जाने वाले शुल्क तथा अन्य पारिश्रमिक या भत्तों की जानकारी मांगी थी। साथ ही उन्हें किये जा चुके इस प्रकार के भुगतान की जानकारी देने के लिये कहा था।

कोविड-19 टीका तैयार करने की रणनीति बनाने के लिये सात अगस्त को नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल की अध्यक्षता में कोविड-19 के लिए टीका प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह (एनईजीवीएसी) का गठन किया गया था।

केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने इन बिंदुओं पर यह कहते हुए जानकारी प्रदान करने से इनकार कर दिया कि बैठक की विस्तृत जानकारी, एजेंडा और बैठक के दौरान वितरित सामग्री उस ''सूचना'' के दायरे में नहीं आती है, जिसे सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत साझा किया सके।

सीपीआईओ ने कहा कि विशेषज्ञ समूह के अध्यक्ष तथा प्रत्येक सदस्य को दी जाने वाली प्रत्येक बैठक की फीस तथा अन्य पारिश्रमिक या भत्तों के बारे में जानकारी मंत्रालय के टीकाकरण अनुभाग के पास उपलब्ध नहीं है।

नायक ने सीपीआईओ के आदेश के खिलाफ मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष अपील दाखिल की। अधिकारी ने कहा कि सीपीआईओ के पास जानकारी नहीं है और यह भी नहीं पता कि जानकारी कहां हो सकती है।

यह आवेदन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) तथा विदेश मंत्रालय (एमईए) को भी भेजा गया था।

आईसीएमआर ने कहा कि उसके पास नायक द्वारा मांगी गई जानकारी नहीं है।

वहीं विदेश मंत्रालय ने कोविड-19 टीका विशेषज्ञ समूह द्वारा उससे साझा किये गए दस्तावेजों के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया।

नायक ने कहा कि सीपीआईओ और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी दोनों स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें यह पता नहीं होना कि विशेषज्ञ समूह से संबंधित कागजात कहां रखे हैं, समझ से परे है।

उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के इन ‘कदमों और चूक'' के खिलाफ केन्द्रीय सूचना आयोग का रुख करेंगे।

भाषा

दौरान प्रसारित सामग्री, एजेंडा और सामग्री का विवरण "सूचना" की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता है जिसे सूचना के अधिकार के तहत साझा किया जा सकता है। (RTI) अधिनियम।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वआज रात एक पूरी सभ्यता का अंत होगा?, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ पर पोस्ट किया, फिर कभी जीवित नहीं?

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

ज़रा हटकेVIDEO: ऋषिकेश में गंगा पर उतरा सी-प्लेन, टूरिज्म को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट, देखें वीडियो

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

क्राइम अलर्टनागपुर में हड़कंप: लावारिस बैग में मिले 50 डेटोनेटर, 15 जिलेटिन स्टिक, दोसर भवन चौक के पास विस्फोटक मिलने से मचा...

भारत अधिक खबरें

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र

भारतमहाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा टेस्ट अनिवार्य रूप से किया शुरू

भारतअसम का चुनाव अच्छा चल रहा, पवन खेड़ा के बड़बोलेपन की वजह से कांग्रेस की छवि को नुकसान?, उद्धव ठाकरे के प्रवक्ता आनंद दुबे बरसे, वीडियो

भारतहैदराबाद में हैं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, दिल्ली घर पर असम पुलिस ने की छापेमारी?, दिल्ली पुलिस की टीम कर रही मदद, वीडियो

भारतNBEMS GPAT 2026: आ गया जीपैट का रिजल्ट, डायरेक्ट लिंक से चेक करें अपना स्कोर