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डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2023 लोकसभा में हुआ पेश, कांग्रेस ने किया विरोध, जानें क्या कहा?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 3, 2023 15:19 IST

कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम इस सरकार द्वारा प्रदर्शित किए जा रहे इस तरह के इरादे का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इस बिल को स्थायी समिति या किसी अन्य मंच पर चर्चा के लिए भेजें।

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ठळक मुद्देकेंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार विधेयक को पेश किया।कांग्रेस ने यह कहते हुए इसका विरोध किया कि सूचना का अधिकार, कानून और निजता के अधिकार को कुचलने जा रही है।

नई दिल्लीः केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2023 लोकसभा में पेश किया। गौरतलब है कि केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा था कि सरकार गुरुवार को संसद में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) विधेयक पेश कर सकती है। 

उधर कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध किया है। लोकसभा में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, 2023 पेश होने पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मैं बिल का विरोध करता हूं। इस बिल के जरिए सरकार सूचना का अधिकार, कानून और निजता के अधिकार को कुचलने जा रही है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम इस सरकार द्वारा प्रदर्शित किए जा रहे इस तरह के इरादे का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इस बिल को स्थायी समिति या किसी अन्य मंच पर चर्चा के लिए भेजें।

हालांकि राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेकर ने बुधवार कहा था कि विधेयक को कभी भी स्थायी समिति के पास नहीं भेजा गया। मंत्री ने यह भी कहा था कि स्थायी समिति ने नागरिकों की गोपनीयता और डेटा संरक्षण के मुद्दे का स्वयं मूल्यांकन किया है, पहले के मसौदे को देखा है और टिप्पणी की है। 

गौरतलब है कि पीडीपीडी विधेयक में प्रस्तावित किया गया है कि उल्लंघन की प्रत्येक घटना के लिए ₹250 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार ने कहा कि डीपीडीपी एक महत्वपूर्ण कानून है जो भारत में व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को बढ़ाएगा। विधेयक के लागू होने से व्यक्तिगत डेटा के उपयोगकर्ताओं को अपनी निजता की रक्षा करने और अपने डेटा के दुरुपयोग से बचने में मदद मिलेगी।

सरकार के मुताबिक, यह विधेयक व्यक्तिगत डिजिटल डेटा के उपयोग को सुरक्षित करने की कोशिश करता है। उपयोगकर्ताओं के कर्तव्यों को सुनिश्चित करते हुए एकत्रित डाटा का कानूनी रूप से उपयोग करने के दायित्वों को निर्धारित करता है। यह विधेयक इन सिद्धांतों पर आधारित है कि व्यक्तिगत डेटा का संग्रह और उपयोग वैध होना चाहिए और पारदर्शिता बनी रहे। उद्देश्य पूरा होने तक डाटा को सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाना चाहिए। व्यक्तियों का प्रासंगिक डेटा एकत्र किया जाना चाहिए। और पूर्व-निर्धारित उद्देश्य की पूर्ति ही एकमात्र उद्देश्य होना चाहिए। साथ ही डाटा की सटीकता भी महत्वपूर्ण है।

टॅग्स :Ashwini VaishnavAdhir Ranjan Chowdhury
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