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शिवाजी मूर्ति गिरने के खिलाफ मुंबई की सड़कों पर आमने-सामने विपक्ष और BJP, लीड कर रहे बड़े नेता

By आकाश चौरसिया | Updated: September 1, 2024 14:22 IST

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में पिछले साल शिवाजी महाराज की लगी मूर्ति बीती 26 अगस्त को ढह गई थी, जिसके बाद से सियासत तेज हो गई थी। ऐसे में आज जूता मारो आंदोलन शिवसेना यूबीटी और साझा विपक्ष की ओर से विरोध जताया गया। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा भी सड़कों पर कूद गई। भाजपा ने काउंटर प्रोटेस्ट शुरू कर दिया।

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ठळक मुद्देमुंबई में शिवाजी की मूर्ति गिरने पर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने शिवाजी महाराज की मूर्ति सिंधुदुर्ग में पिछले साल स्थापित की गई थीजो अब बीती 26 अगस्त को ढह गई थी, जिसके बाद से ये मामला तूल पकड़ता गया

नई दिल्ली: महाविकास अगाड़ी (एमवीए) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज यानी रविवार को छत्रपति शिवाजी महाराज मूर्ति की टूटने पर दोनों बड़ी पार्टियों ने सामांतर अपना विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, इसे लेकर खबरें आ रही है कि पहले साझा विपक्ष ने 'जूता मारो' आंदोलन के तहत ऐसा करने की ठानी थी। लेकिन अब प्रदर्शन की रफ्तार को देखते हुए भाजपा मैदान में काउंटर प्रदर्शन कूद गई है। गौरतलब है कि शिवाजी की मूर्ति बीती 26 अगस्त को सिंधुदुर्ग में ढह गई थी, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ता गया और अब इस मामले विपक्ष और भाजपा आमने सामने आ गए हैं।  

साझा विपक्ष में (एमवीए) ने अपना मार्च हुतात्मा चौक से गेटव ऑफ इंडिया तक निकाला, जिसका मकसद यही था कि इस घटना की जितनी हो सके, उतनी इस पर आवाज बुलंद कर मामले को हवा दी जाए। विपक्ष के तेवर देखते हुए भाजपा ने काउंटर करने के लिए एमवीए के खिलाफ मुंबई के दादरी क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया, जिसे लेकर भाजपा ने कहा कि ये सिर्फ इसे अब राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। एमवीए के अनुसार, ये राजनीति का विषय नहीं बल्कि हमारी भावना इससे जुड़ी हुई हैं। 

पिछले साल 4 दिसंबर, 2023 को नैवी डे सेलिब्रेशन के मौके पर सिंधुदुर्ग में 35 फूट लंबी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति का अनावरण किया गया था, जो बीती 26 अगस्त को ढह गई थी। उद्धव ठाकरे वाली (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद ने भावुक होकर इस घटना पर दुख व्यक्त किया, लेकिन जिन्हें करना चाहिए (महाराष्ट्र सरकार) उन्होनें अभी तक नहीं किया।

इससे इतर उन्होंने कहा कि गलत तरीके से विपक्ष ने उलझना शुरू कर दिया और कहा कि हम इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं कर रहे हैं, जबकि यह सबसे भावनात्मक मुद्दा था, जो महाराष्ट्र ने पहले कभी नहीं देखा था। हमनें लोकतांत्रिक तौर-तरीके से वो सब कुछ किया, हमने प्रशासन से लेकर पुलिस से शिकायत की, हमें आशा थी कि इसे लेकर कुछ एक्शन सरकार दिखाएगी, जो अभी तक नहीं हुआ। 

टॅग्स :मुंबईशिव सेनाBJPकांग्रेसएकनाथ शिंदेअजित पवारनाना पटोले
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