लाइव न्यूज़ :

दिल्ली हिंसा: सोनिया, राहुल, प्रियंका गांधी, अनुराग ठाकुर और सिसोदिया को नोटिस, जानें पूरा मामला

By भाषा | Updated: February 28, 2022 15:50 IST

Delhi Violence: पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा था कि दंगों की जांच से अब तक कोई सबूत सामने नहीं आया है कि राजनीतिक नेताओं ने हिंसा भड़काई या इसमें शामिल थे। मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी। 

Open in App
ठळक मुद्देजांच शुरू करने के लिए पक्षकार बनाने का अनुरोध किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी। 

नई दिल्लीः  दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के नेता अनुराग ठाकुर, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित अनेक नेताओं के नफरती भाषणों के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दायर याचिका पर सोमवार को नोटिस जारी किेये।

आरोप है कि इन नेताओं के नफरती भाषणों की वजह से ही फरवरी, 2020 में हिंसा हुए थे। याचिका में इन नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उनके खिलाफ जांच शुरू करने के लिए पक्षकार बनाने का अनुरोध किया गया है। उत्तर पूर्व दिल्ली में 2020 में हुए दंगों से जुड़ी अनेक याचिकाओं पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप कुमार मेंदिरत्ता की पीठ ने उन सभी प्रस्तावित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किये जिनके जिनके खिलाफ याचिका में कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

पक्षकार बनाने के लिए एक याचिका शेख मुजतबा फारूक ने दाखिल की है, जिन्होंने भाजपा नेता अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा ,प्रवेश वर्मा और अभय वर्मा के खिलाफ नफरत भरे भाषण देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अन्य अर्जी याचिकाकर्ता ‘लॉयर्स वॉयस’ की है जिसने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान, एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम के पूर्व विधायक वारिस पठान, महमूद प्राचा, हर्ष मंदर, मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल, स्वरा भास्कर, उमर खालिद, बीजी कोलसे पाटिल और अन्य के खिलाफ नफरत फैलाने वाला भाषण देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अदालत ने कहा,‘‘ इससे पहले कि हम पक्षकार बनाए, हमें उन्हें एक अवसर देना होगा। अगर उन्होंने इसका विरोध किया तो हम पक्षकार नहीं बना सकते।’’ गौरतलब है कि पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा था कि दंगों की जांच से अब तक कोई सबूत सामने नहीं आया है कि राजनीतिक नेताओं ने हिंसा भड़काई या इसमें शामिल थे। मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी। 

टॅग्स :दिल्ली पुलिसदिल्ली हाईकोर्टसोनिया गाँधीराहुल गांधीप्रियंका गांधीअनुराग ठाकुरमनीष सिसोदिया
Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटअरुण जेटली स्टेडियम में DC बनाम MI मुकाबले के दौरान चीयरलीडर्स की रिकॉर्डिंग करते पकड़ा गया दिल्ली पुलिस का जवान

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

क्राइम अलर्ट2 साल से चचेरे भाई से अवैध संबंध, भाई मेराज अली ने पैर पकड़ा और माता रबिया खातून-पिता मोहम्मद मनीर ने तकिये से मुंह दबा कर बेटी को मार डाला

क्राइम अलर्टसस्ते केमिकल से बन रहा था 'ब्रांडेड' टूथपेस्ट, पूरा मामला जानिए

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?

भारत अधिक खबरें

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण