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न्यायालय ने केरल के दो मछुआरों की हत्या के आरोपी इतालवी नौसैनिकों के खिलाफ आपराधिक मामला बंद किया

By भाषा | Updated: June 15, 2021 21:48 IST

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नयी दिल्ली, 15 जून उच्चतम न्यायालय ने केरल के दो मछुआरों को केरल तट के निकट फरवरी 2012 में मार डालने के मामले में आरोपी दो इतालवी नौसैनिकों के खिलाफ भारत में चल रहे आपराधिक मामले को बंद करने का मंगलवार को निर्देश दिया। इसी के साथ नौ साल से चल रहे मामले का अंत हो गया।

इटली ने मृतकों के उत्तराधिकारियों और नाव के मालिक को 10 करोड़ रुपये के मुआवजे का भुगतान कर दिया है। न्यायालय ने केरल उच्च न्यायालय से पीड़ितों के वारिसों के बीच दस करोड़ रुपये के मुआवजे के आवंटन पर निगरानी रखने को कहा है।

न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति एम.आर. शाह की अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले में दो इतालवी नौसैनिकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और कार्यवाही रद्द कर दी है। पीठ ने कहा कि भारत द्वारा स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता समझौता (इंटरनेशनल आर्बिटल अवॉर्ड) के अनुरूप, केरल के दो मछुआरों की हत्या के मामले में नौसैनिकों मासिमिलानो लातोर और सल्वातोरे गिरोने के खिलाफ आगे की जांच इटली गणराज्य में की जाएगी।

पीठ ने कहा कि उसका मानना है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए आपराधिक कार्यवाही सहित भारत में सभी कार्यवाही को बंद करने के लिए यह उपयुक्त मामला है। इसके साथ ही पीठ ने केरल के कोल्लम के तटीय थाने में दर्ज प्राथमिकी और 2013 में एनआईए द्वारा फिर से दर्ज की गयी प्राथमिकी और मामले से जुड़ी सभी कार्यवाही को रद्द कर दिया।

न्यायालय ने कहा कि इटली गणराज्य की ओर से दस करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति दी गई है। न्यायालय ने कहा कि इस राशि में से, केरल के दोनों मछुआरों के वारिसों के नाम पर चार-चार करोड़ रुपये जमा कराए जाएं तथा बाकी के दो करोड़ रुपये नौका मालिक को दिए जाएं ।

न्यायालय ने कहा कि शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जमा कराई गई दस करोड़ रुपये की राशि केरल उच्च न्यायालय स्थानांतरित की जाए, जो दोनों मछुआरों के वारिसों के नाम पर चार-चार करोड़ रुपये सावधि जमा के तौर पर करेगा। पीठ ने कहा कि मछुआरों के वारिस मुआवजे की राशि के सावधि जमा की अवधि के दौरान ब्याज की रकम निकाल सकेंगे।

पीठ ने केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से एक न्यायाधीश को नामित करने का अनुरोध किया जो मृतकों के उत्तराधिकारियों (प्रत्येक को चार-चार करोड़ रुपये) को भुगतान की जाने वाली राशि के वितरण व निवेश के लिए उचित आदेश पारित करेंगे। इससे उत्तराधिकारियों के हितों की रक्षा हो सकेगी।

उल्लेखनीय है कि फरवरी 2012 में भारत ने आरोप लगाया था कि इटली के ध्वज वाले तेल टैंकर एमवी एनरिका लेक्सी पर सवार दो नौसैनिकों ने भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में मछली पकड़ रहे दो भारतीय मछुआरों की गोली मार कर हत्या कर दी थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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