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Coronavirus: लॉकडाउन में कोटा में फंसे 391 छात्र बसों से असम पहुंचे, क्वारंटाइन में रखा गया

By भाषा | Updated: April 27, 2020 11:26 IST

Coronavirus: कोरोना लॉकडाउन के बीच राजस्थान के कोटा में फंसे अपने राज्य के 390 बच्चों को असम सरकार बसों से लौटाकर लाने में कामयाब रही। सभी बच्चों को 14 दिन के लिए पृथक वास में रखा गया है।

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ठळक मुद्देकोटा से असम लौटे 391 बच्चे, लॉकडाउन के बाद वहीं फंसे थे सभी बच्चेअसम सरकार इन बच्चों को बसों के माध्यम से लेकर आने में कामयाब रही, सरकार ने इसके लिए प्रति विद्यार्थी 7,000 रुपये की राशि ली

गुवाहाटी: असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत विश्व सरमा ने बताया कि राजस्थान के कोचिंग केंद्र कोटा से असम के 390 से ज्यादा विद्यार्थी बसों से अपने राज्य लौट आए हैं और उन्हें 14 दिन के लिए पृथक वास में रखा गया है। सरमा और उनके कनिष्ठ मंत्री पीयूष हजारिका सरूसाजई पृथक केंद्र में विद्यार्थियों का हाल-चाल जानने के लिए पहुंचे थे। ये विद्यार्थी तड़के सुबह तीन बजे सोमवार को बसों से यहां पहुंचे।

बच्चों के पहुंचने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट किया, 'कोटा से लंबी दूरी की यात्रा करने के बाद 391 विद्यार्थी अपने चेहरों पर मुस्कान समेटे राज्य लौट आए। उनके और उनकी परिवार की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए उन्हें 14 दिन के पृथक वास में रखा गया है।' छात्रों को सरूसाजई पृथक केंद्र और छात्राओं को तीन होटलों में रखा गया है। कोटा से बृहस्पतिवार को विद्यार्थियों ने 2,000 किलोमीटर की लंबी यात्रा शुरू की थी।

मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के लिए कोटा देश के मुख्य कोचिंग केंद्रों में से एक है। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। सरमा ने बताया कि इन विद्यार्थियों को पृथक वास में रखना अनिवार्य किया गया क्योंकि ये राजस्थान से लौट रहे थे जो कि कोविड-19 का ‘रेड जोन’ है। इसके अलावा रास्ते में भी इनके संक्रमित होने की आशंका है।

राज्य सरकार ने इस यात्रा के लिए प्रति विद्यार्थी 7,000 रुपये की राशि ली है। कुल 17 बसों से इन्हें राज्य में लाया गया है। सरमा ने इससे पहले कहा था कि विद्यार्थियों की जांच इनके पहुंचने के पांचवें दिन की जाएगी। इसके बाद डॉक्टर निगेटिव जांच रिपोर्ट आने वाले विद्यार्थियों को छुट्टी देने और उन्हें नौ दिन की निगरानी में रखने संबंधी फैसला लेंगे।

उन्होंने कहा कि वैसे छात्र जो पहले से ही कोटा में पृथक वास में थे, वे किसी भी कोविड-19 मरीज के सीधे संपर्क में नहीं आए थे। राज्य सरकार ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की राज्य सरकारों से बंद के दौरान बसों की आवाजाही की इजाजत मांगी थी।

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