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मध्यप्रदेश में संविदा पर नियुक्त स्वास्थ्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

By भाषा | Updated: May 25, 2021 21:38 IST

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भोपाल, 25 मई कोविड-19 महामारी के बीच मध्यप्रदेश के लगभग 19 हजार संविदा स्वास्थ्यकर्मी अपनी मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल चले गये हैं। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई है।

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इन कर्मियों का समर्थन करते हुए सरकार से इनकी मांगें पूरी करने को कहा।

मध्य प्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ सुनील यादव ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश भर के विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रो पर अपनी सेवाएं दे रहे लगभग 19 हजार स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। यादव ने कहा, ‘‘हमारी मुख्य मांग है कि सरकार संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को 2018 में तय की गई नीति के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के नियमित पदों के वेतन का 90 फीसद वेतन हमें दे।’’

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार 2018 में तय नीति के अनुसार दस विभागों के संविदा कर्मियों को वेतन भुगतान कर रही है। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान विपरीत परिस्थितियों पर अपनी जान की बाजी लगाकार ड्यूटी कर रहे संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों पर कई बार ज्ञापन देने के बाद भी विचार नहीं किया जा रहा है। इसलिये हमें मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।

उन्होंने बताया कि संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के साथ प्रदेश के लगभग 2,500 सहयोगी कर्मी भी हड़ताल पर हैं। सरकार ने इनकी 12 साल तक सेवाएं संविदा पर लेने के बाद 2019 से इनकी सेवाएं आउटसोर्स एजेंसी को दे दी, जो इनका शोषण कर रही है। हमारी मांग है कि इन कर्मचारियों को पहले की तरह सरकार द्वारा संविदा पर रखा जाए।

यादव ने कहा कि संकट के दौर में मरीजों को होने वाली असुविधा के लिए प्रशासन खुद जिम्मेदार है और मांगे पूरी होने तक हड़ताल स्थगित नहीं की जाएगी।

इसबीच, प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख कमलनाथ ने इन कर्मचारियों का समर्थन करते हुए ट्वीट किया, ‘‘मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी के दौरान सेवा में लिये गये अस्थायी चिकित्सकीय स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं। महामारी के दौरान जब आमजन और सरकार को इन चिकित्साकर्मियों की सर्वाधिक आवश्यकता थी, उन्होंने जान जोखिम में डालकर भरपूर सेवा की। इन कोरोना योद्धाओं ने फ़ील्ड में रहकर, एक साल तक प्रदेश में नमूने लेने, कोविड केयर सेंटर में ड्यूटी से लेकर महामारी के नियंत्रण के लिये अनेक कार्य किये हैं। सरकार को इन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रदेश सरकार से मांग करता हूँ कि इनकी सेवाओं को देखते हुए , नीति निर्धारित की जाकर इन अस्थायी कोविड-19 योद्धाओं का संविदा संवर्ग में संविलियन किया जाए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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