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Congress Chintan Shivir: राहुल गांधी बोले-क्षेत्रीय दल बीजेपी और आरएसएस से नहीं लड़ सकते, कांग्रेस नेता के बयान पर भड़के राजद और जदएस के नेता

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 16, 2022 21:54 IST

Congress Chintan Shivir: राजद प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने कहा कि क्षेत्रीय दल भाजपा के खिलाफ लड़ाई में लोकसभा में बड़ी संख्या में सीटों के साथ मजबूत स्थिति में हैं और कांग्रेस को लोकसभा की 543 सीटों में से 320 में से अधिक पर क्षेत्रीय दलों के सदस्यों को देखते हुए उन्हें ‘ड्राइविंग सीट’ पर रहने देना चाहिए और खुद ‘सहयात्री’ बन जाना चाहिए।

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ठळक मुद्देराजद नेता तेजस्वी यादव ने भी यह बात कही है।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से क्षेत्रीय दलों को वैचारिक प्रतिबद्धता के बारे में विस्तार से बताने के लिए कहा।कांग्रेस के चिंतन शिविर में अपनाये गये घोषणापत्र का जिक्र करते हुए राहुल पर निशाना साधा।

नई दिल्लीः राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल (सेक्युलर) ने क्षेत्रीय दलों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी की आलोचना करते हुए उनसे भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय दलों के मजबूती से लड़ने के हालिया इतिहास को देखने को कहा।

राजद ने कहा कि कांग्रेस नेता के दावे ‘अजीब’ हैं और ये उनकी खुद की पार्टी के रुख से मेल नहीं खाते। राजद प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने कहा कि क्षेत्रीय दल भाजपा के खिलाफ लड़ाई में लोकसभा में बड़ी संख्या में सीटों के साथ मजबूत स्थिति में हैं और कांग्रेस को लोकसभा की 543 सीटों में से 320 में से अधिक पर क्षेत्रीय दलों के सदस्यों को देखते हुए उन्हें ‘ड्राइविंग सीट’ पर रहने देना चाहिए और खुद ‘सहयात्री’ बन जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी यह बात कही है।

जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच डी कुमारस्वामी ने क्षेत्रीय दलों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी के संबंध में सोमवार को कहा कि कांग्रेस क्षेत्रीय दलों से डर महसूस कर रही है। कुमारस्वामी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से क्षेत्रीय दलों को वैचारिक प्रतिबद्धता के बारे में विस्तार से बताने के लिए कहा।

राहुल ने राजस्थान के उदयपुर में आयोजित कांग्रेस के ‘चिंतन शिविर’ में अपने संबोधन में दावा किया था कि क्षेत्रीय दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से नहीं लड़ सकते क्योंकि उनके पास विचारधारा का अभाव है। उन्होंने कहा था कि कांगेस यह लड़ाई लड़ सकती है।

राज्यसभा सदस्य झा ने कहा, ‘‘यह मुझे थोड़ा अजीब और विरोधाभासी लगता है।’’ उन्होंने कांग्रेस के चिंतन शिविर में अपनाये गये घोषणापत्र का जिक्र करते हुए राहुल पर निशाना साधा और कहा कि अगर वह आंकड़ों पर नजर डालेंगे तो अपने बयान को वापस ले लेंगे।

कांग्रेस के घोषणापत्र में कहा गया है कि कांग्रेस राष्ट्रवाद की भावना और लोकतंत्र की रक्षा के लिए समान विचारों वाले दलों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। झा ने कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजद पर हमले किये क्योंकि भाजपा के खिलाफ चुनावी और वैचारिक लड़ाई में वह केंद्रबिंदु है।

उन्होंने दावा किया कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से लेकर तेजस्वी यादव तक सैकड़ों राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ पार्टी की वैचारिक प्रतिबद्धता की वजह से बहुत कुछ सहा है। झा ने 1999 में सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे को लेकर उनके नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का गठन करने का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि जब सोनिया के साथ उनकी पार्टी के नेता नहीं थे, तब लालू प्रसाद उनके साथ खड़े थे।

कुमारस्वामी ने कहा कि देश के अधिकतर हिस्सों में आज कांग्रेस की कोई उपस्थिति नहीं है। कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की पृष्ठभूमि में द्रमुक के लिट्टे के साथ संबंधों का हवाला देकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को मंत्रिमंडल से बाहर रखने की मांग करते हुए आई के गुजराल के नेतृत्व वाली संयुक्त मोर्चा सरकार को गिराया।

जद (एस) नेता ने कहा कि बाद के वर्षों में कांग्रेस ने उसी पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण, राजनीतिक संबंध साझा किए। पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने ट्वीट में सवाल किया, ‘‘क्या मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए)-एक और दो की सरकारों में उसी द्रमुक के साथ 10 साल तक सत्ता साझा करना एक वैचारिक प्रतिबद्धता थी?’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें (राहुल) यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी पार्टी कांग्रेस ने क्षेत्रीय दलों के बल पर 10 वर्षों तक सत्ता का आनंद लिया। कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस क्षेत्रीय दलों से डर महसूस कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा जैसे अधिकतर राज्यों में पार्टी की कोई उपस्थिति नहीं है। कांग्रेस कर्नाटक में अपने अंतिम दिनों में है। बेहतर होगा कि राहुल गांधी इसे समझें।’’

टॅग्स :कांग्रेसतेजस्वी यादवराहुल गांधीराजस्थानएचडी कुमारस्वामीजनता दल (सेकुलर)आरजेडीलालू प्रसाद यादव
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