महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में उम्मीदवारों के निर्विरोध जीतने पर उद्धव ठाकरे ने कहा- 'जिन वार्ड में उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत हुई है, वहां चुनाव रद्द किए जाएं'

By रुस्तम राणा | Updated: January 4, 2026 17:52 IST2026-01-04T17:52:09+5:302026-01-04T17:52:09+5:30

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना मतदाताओं, खासकर ‘जेनरेशन-जेड’, से उनके मताधिकार का अवसर छीनने जैसा है। सत्तारूढ़ गठबंधन को चेतावनी देते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और भाजपा गलत परंपरा स्थापित कर रही है। 

Commenting on candidates winning unopposed in the Maharashtra municipal elections, Uddhav Thackeray said, "Mob rule has taken over democracy." | महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में उम्मीदवारों के निर्विरोध जीतने पर उद्धव ठाकरे ने कहा- 'जिन वार्ड में उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत हुई है, वहां चुनाव रद्द किए जाएं'

महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में उम्मीदवारों के निर्विरोध जीतने पर उद्धव ठाकरे ने कहा- 'जिन वार्ड में उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत हुई है, वहां चुनाव रद्द किए जाएं'

मुंबई: शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मांग की कि महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव के तहत जिन वार्ड में उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत हुई है, वहां चुनाव रद्द किए जाएं और चुनावी प्रक्रिया फिर से शुरू की जाए। निर्विरोध चुने गए अधिकतर उम्मीदवारों में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल दलों के उम्मीदवार हैं। निकाय चुनाव 15 जनवरी को होने हैं। 

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे के साथ मौजूद उद्धव ने दावा किया कि देश में माहौल ऐसा है, ‘‘मानो लोकतंत्र पर भीड़तंत्र ने कब्जा कर लिया है।’’ दोनों चचेरे भाइयों ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए अपने गठबंधन का घोषणापत्र जारी किया। राज ठाकरे ने जोर देकर कहा कि मराठी भाषा का सम्मान किया जाना चाहिए और मुंबई और राज्य के अन्य शहरों के महापौर मराठी ही होंगे। 

उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब से उनकी सरकार को सत्ता से हटाया गया और एकनाथ शिंदे ने राज्य सरकार की बागडोर संभाली (जून 2022 में), बीएमसी की संपत्ति ठेकेदारों पर लुटाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अगर बीएमसी का व्यय बजट 15,000 करोड़ रुपये है, तो विभिन्न कार्यों के लिए ठेकेदारों को अग्रिम राशि जुटाने के रूप में तीन लाख करोड़ रुपये देने पड़ेंगे। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह तीन लाख करोड़ रुपये का घोटाला है और रिश्वत की रकम का इस्तेमाल नगर निकाय चुनाव के लिए किया जा रहा है। महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महायुति गठबंधन के उसके सहयोगियों ने निर्विरोध 68 सीट पर जीत दर्ज की है। 

उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि वोट चोरी के बाद अब सत्तारूढ़ दल उम्मीदवार भी चुरा रहे हैं। शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने कहा, ‘‘अगर राज्य निर्वाचन आयोग में साहस है, तो उसे उन वार्ड में चुनाव रद्द कर देना चाहिए, जहां उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं और उसे इन वार्ड में चुनावी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी चाहिए।’’ 

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना मतदाताओं, खासकर ‘जेनरेशन-जेड’, से उनके मताधिकार का अवसर छीनने जैसा है। सत्तारूढ़ गठबंधन को चेतावनी देते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और भाजपा गलत परंपरा स्थापित कर रही है। 

उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर भविष्य में उनके उत्तराधिकारी और भी परिष्कृत तरीके से ऐसे हथकंडे अपनाएं, तो सत्तारूढ़ दल को शिकायत नहीं करनी चाहिए। मनसे अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इसी तरह की परिस्थितियों में जब स्थानीय निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे, तो भाजपा उच्चतम न्यायालय चली गई थी और उन्होंने इस पर भाजपा का रुख स्पष्ट करने की मांग की। भाजपा ने निर्विरोध जीत के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाया है।

 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिन में चंद्रपुर में एक रोड शो के दौरान कहा कि जनता का जनादेश तब भी मान्य रहेगा, भले ही विपक्षी दल अदालत चले जाएं। फडणवीस ने निर्दलीय और मुस्लिम उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पर विपक्ष की चुप्पी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘वे बेशक अदालत जा सकते हैं, लेकिन जनता की अदालत ने हमें चुना है। भले ही वे (विपक्षी दल) अदालत में जाएं, जनता का जनादेश अदालत में सर्वोपरि होगा।’’ 

मुख्यमंत्री ने चंद्रपुर में कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है, क्योंकि वे अपनी हार स्पष्ट रूप से देख सकते हैं और अब बहाने ढूंढ रहे हैं।’’ उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर भी निशाना साधा, जिन पर नगर निकाय चुनाव के लिए लागू आचार संहिता का उल्लंघन करने, नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और चुनाव से जुड़े सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ करने का आरोप है। 

ठाकरे ने कहा कि नार्वेकर को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए, क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनका किसी भी पार्टी से संबंध नहीं है और उनका दायित्व है कि वह बिना किसी के प्रति निष्ठा दिखाए अपना काम करें। उन्होंने कहा कि उन पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। दक्षिण मुंबई के कोलाबा से भाजपा विधायक ने इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। 

Web Title: Commenting on candidates winning unopposed in the Maharashtra municipal elections, Uddhav Thackeray said, "Mob rule has taken over democracy."

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