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मणिपुर में हिंसा और अशांति के पीछे विदेशी शक्तियों की साजिश है?, जानिए सीएम एन बीरेन सिंह ने क्या कुछ कहा?

By अनिल शर्मा | Updated: July 2, 2023 10:05 IST

एन बीरेन सिंह ने कहा कि हालांकि, जो हो रहा है उसे देखते हुए, हम न तो इनकार कर सकते हैं और न ही दृढ़ता से पुष्टि कर सकते हैं... यह पूर्व नियोजित लगता है लेकिन कारण स्पष्ट नहीं है।'

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ठळक मुद्देजातीय हिंसा में बाहरी ताकतों या तत्वों का हाथ हो सकता हैः मणिपुर सीएमसीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि यह 'पूर्व नियोजित' लगता है। हमारी 398 किलोमीटर की सीमाएँ असुरक्षित हैंः मुख्यमंत्री बीरेन सिंह

इंफालः मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को इस बात की तरफ इशारा किया कि जातीय हिंसा में बाहरी ताकतों या तत्वों का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह 'पूर्व नियोजित' लगता है। गौरतलब है कि हिंसा में अबतक 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है।

एएनआई के साथ एक विशेष साक्षात्कार में मणिपुर के सीएम ने कहा, "...मणिपुर की सीमा म्यांमार के साथ लगती है। चीन भी पास में है। हमारी 398 किलोमीटर की सीमाएँ असुरक्षित हैं। हमारी सीमाओं पर सुरक्षा बल तैनात हैं लेकिन यहां तक कि एक मजबूत और व्यापक सुरक्षा तैनाती भी इतने बड़े क्षेत्र को कवर नहीं कर सकती है।

एन बीरेन सिंह ने कहा कि हालांकि, जो हो रहा है उसे देखते हुए, हम न तो इनकार कर सकते हैं और न ही दृढ़ता से पुष्टि कर सकते हैं... यह पूर्व नियोजित लगता है लेकिन कारण स्पष्ट नहीं है।' उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार राज्य में शांति बहाल करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। सीएम ने कहा कि उन्होंने दिन में अपने "कुकी भाइयों और बहनों" से टेलीफोन पर बात की और कहा, "आइए माफ करें और भूल जाएं"।

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने कहाः "हम शांति बहाल करने के लिए हर स्तर पर हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कुछ घंटे पहले, मैंने अपने कुकी भाइयों और बहनों से टेलीफोन पर बात की थी कि चलो माफ करें और भूल जाएं; सुलह करें और हमेशा की तरह एक साथ रहें...। सीएम बीरेन सिंह ने कहा, "हमने केवल म्यांमार की अशांति के मद्देनजर बाहर से आने वाले लोगों की जांच करने और स्थिति में सुधार होने पर उन्हें वापस भेजने की कोशिश की है। हमारी प्राथमिकता मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना है।"

पूर्वोत्तर राज्य के लोगों से भावपूर्ण अपील में उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों को एक साथ रहना होगा। उन्होंने कहा कि वह मणिपुर को जातीय आधार पर विभाजित नहीं होने देंगे। बकौल बीरेन सिंह- "हम एक हैं। मणिपुर एक छोटा राज्य है लेकिन हमारे पास 34 जनजातियाँ हैं। इन सभी 34 जनजातियों को एक साथ रहना होगा। हमें बस यह सावधान रहना होगा कि बाहर से बहुत से लोग यहाँ आकर न बस जाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई जनसांख्यिकीय असंतुलन नहीं। सीएम के रूप में, मैं वादा करता हूं कि मैं मणिपुर को टूटने नहीं दूंगा और न ही राज्य में एक अलग प्रशासनिक प्राधिकरण होगा। सीएम ने कहा, "मैं सभी को एक साथ रखने के लिए बलिदान देने के लिए तैयार हूं।"

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