लाइव न्यूज़ :

एलएसी पर चीन के इरादे ठीक नहीं, लगातार कर रहा है सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में हुए कई खुलासे

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 22, 2023 17:12 IST

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में भी एलएसी पर वेस्टर्न थियेटर कमांड की तैनाती जारी रहने की आशंका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और चीन के बीच वार्ता में बहुत कम प्रगति हुई है क्योंकि दोनों पक्ष सीमा पर अपने-अपने क्षेत्र से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

Open in App
ठळक मुद्देभारत और चीन के बीच वार्ता में बहुत कम प्रगति हुई है चीन के पास 500 से अधिक सक्रिय परमाणु हथियार हैं2022 में चीन ने एलएसी पर सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखा

नई दिल्ली: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने भारत के साथ सीमा विवाद के बीच 2022 में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी थी और बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखा, जिसमें डोकलाम के निकट भूमिगत भंडारण केंद्र, पैंगोंग झील पर दूसरा पुल और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हवाई अड्डा तथा विभिन्न हेलीपैड का निर्माण शामिल है।

भारत और चीन व्यापक राजनयिक व सैन्य वार्ताओं के बाद कई इलाकों से सैनिकों के वापस बुला चुके हैं, फिर भी दोनों देशों के सैनिकों के बीच पिछले तीन साल से पूर्वी लद्दाख के विभिन्न स्थानों पर टकराव जारी है। 'मिलिट्री एंड सिक्योरिटी डेवलपमेंट्स इन्वॉल्विंग द पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना' रिपोर्ट, 2023 के अनुसार: "मई 2020 की शुरुआत से, भारत-चीन सीमा पर निरंतर तनाव ने वेस्टर्न थिएटर कमांड का ध्यान आकर्षित किया।"

इस महीने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है, "सीमा निर्धारण के संबंध में भारत और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) के बीच अलग-अलग धारणाएं हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और दोनों पक्षों के हालिया बुनियादी ढांचे के निर्माण के कारण कई झड़पें हुईं, गतिरोध जारी रहा और साझा सीमा पर सैनिकों की तैनाती हुई।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में चीन ने एलएसी पर सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखा। रिपोर्ट के अनुसार, "इस बुनियादी ढांचे में डोकलाम के पास भूमिगत भंडारण सुविधाएं, एलएसी के सभी तीन क्षेत्रों में नई सड़कें, पड़ोसी भूटान में विवादित क्षेत्रों में नए गांव, पैंगोंग झील पर दूसरा पुल, हवाई अड्डा और कई हेलीपैड शामिल हैं।" रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2020 में गलवान घाटी में पीआरसी और भारतीय गश्ती दल के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ ने भारी संख्या में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों को एलएसी पर तैनात कर दिया था। भारत और चीन के बीच सैनिकों के बीच 15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में भी एलएसी पर वेस्टर्न थियेटर कमांड की तैनाती जारी रहने की आशंका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और चीन के बीच वार्ता में बहुत कम प्रगति हुई है क्योंकि दोनों पक्ष सीमा पर अपने-अपने क्षेत्र से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। भारत का कहना है कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति नहीं होगी तब तक चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन के पास 500 से अधिक सक्रिय परमाणु हथियार हैं और ये 2030 तक संभवतः 1,000 से अधिक हो जाएंगे। 

टॅग्स :Line of Actual Controlभारतीय सेनालद्दाखअरुणाचल प्रदेशArunachal Pradesh
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटके'चिंकी-मोमो', 'चाइनीज' कहकर किया अपमान, अरुणाचल से आई डांस टीम के साथ पटना में बदसलूकी; VIDEO वायरल

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

कारोबारअमेरिका-इजराइल ईरान युद्ध के बीच रूस का खामोश खेल

विश्वक्या जख्म पर मरहम लगाएंगे बालेन शाह?

कारोबारलद्दाखः रोमांच, खूबसूरती और प्यार?, एप्रीकोट ब्लासम फेस्टिवल का आनंद उठाने चले आईए?

भारत अधिक खबरें

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव चड्डा ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?

भारतआप इधर-उधर क्यों घूम रहे हैं?, स्कूल क्यों नहीं जाते?, तो जवाब देते कि बहुत दूर, सीएम योगी ने कहा- अब भैंस के साथ नहीं खेलते बच्चे?, वीडियो

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण