पटना: बिहार में खाद की कालाबाजारी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने हो गये हैं। दरअसल, केंद्रीय रसायन और उर्वरक एवं नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खुबा ने पिछले एक महीने में बिहार में खाद की कालाबाजारी को लेकर दावे किए हैं। बिहार में महागठबंधन सरकार को भी एक महीने पूरे हो गए हैं।
पटना में आंकड़ों के साथ शुक्रवार को भगवंत खुबा ने नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के मंत्री झूठे आंकड़े बनाकर स्टॉक की कमी का रोना रो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगस्त महीने में किसानों को काफी समस्या झेलनी पड़ी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर बिहार में खाद की कालाबाजारी यूं ही जारी रही और इसे नहीं रोका गया तो केंद्र सरकार बिहार को खाद देना बंद कर देगी। उन्होंने कहा कि नयी सरकार बनने के बाद एक महीने में खाद और उर्वरक की जमकर कालाबाजरी हुई है।
भगवंत खुबा ने कहा कि नयी सरकार में कालाबाजारी रोकने को लेकर कोई पहल नहीं हो रही है, उल्टा ऐसा लगता है कि कृषि मंत्री कालाबाजारी से पैसा कमा रहे हैं। भगवंत खुबा ने कहा है कि भारत सरकार को किसानों की चिंता है, इसीलिए मैं यहां आया हूं और अब खाद-उर्वरक का हिसाब भी लूंगा।
उन्होंने कृषि मंत्री सुधाकर सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे कालाबाजरी और किसानों की समस्या खत्म करने में नाकाम रहें हैं। यह कमजोर सरकार की पहचान है। खुबा ने कहा कि केंद्र सरकार पहले भी मदद कर रही थी और आगे भी करती रहेगी।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में यह सिस्टम तैयार किया गया। कृषि मंत्री ने भारत सरकार को पत्र लिखकर कहा कि राज्य को आवश्यकता अनुसार खाद और उर्वरक नहीं मिल रहा है। लेकिन, ये बिल्कुल गलत है। केंद्र की तरफ से कभी कमी नहीं हुई। भारत सरकार 262 रुपए में यूरिया देती है। किसानों ने 600 रुपये से ज्यादा ख़रीदा है।
केन्द्रीय मंत्री ने किसानों से अपील की है कि ज्यादा कीमत में खरीददारी न करें। खुबा ने कहा कि कुछ लोग पैसा कमाने का काम कर रहे हैं और उन्हें रोका जाएगा।