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भाजपा के अहंकार की हार हुई, राहुल गांधी सही साबित हुए : अधीर चौधरी

By भाषा | Updated: November 19, 2021 16:32 IST

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कोलकाता, 19 नवंबर तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के केंद्र के फैसले को ‘‘भारतीय जनता पार्टी के अहंकार की हार’’ बताते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में अशुभ नतीजों को भांपते हुए भाजपा सरकार ने ‘‘अपमान का घूंट पी लिया।’’

कांग्रेस की कार्यकारी समिति के सदस्य चौधरी ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पहले ही कहा था कि केंद्र को तीनों कानूनों को वापस लेने के लिए विवश होना पड़ेगा और उनकी ‘‘भविष्यवाणी’’ सच हो गयी है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह निश्चित ही किसानों के लिए ऐतिहासिक जीत है। आजादी के बाद से देश ने किसानों का कभी इतना बड़ा प्रदर्शन नहीं देखा। भाजपा ने शुरुआत में सोचा कि यह प्रदर्शन शांत हो जाएगा, जैसा कि वह मानती है कि देश में केवल वही अनुशासित राजनीतिक ताकत है। भाजपा और हमारे प्रधानमंत्री ने किसानों की लड़ाई की भावना को गलत समझा। यह भाजपा के अहंकार की हार है।’’

भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा, ‘‘आपने (भाजपा) किसानों को आतंकवादी, राष्ट्र विरोधी, गुंडा कहा और अब आप उनसे माफी मांग रहे हैं। इतने सारे किसानों की मौत का क्या? आपके पास उनके परिवारों के लिए क्या जवाब है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को कानून वापस लेने के लिए विवश होना पड़ा क्योंकि उसने आगामी विधानसभा चुनावों में अशुभ नतीजों को भांप लिया। उन्हें लगता है कि वे जनता को शांत करके स्थिति से उबर सकते हैं लेकिन अब बहुत देर हो गयी है। आपको सही समय पर सही फैसला लेना चाहिए था। भाजपा अब सोचती है कि इस कदम से उन्हें पंजाब में अमरिंदर सिंह के साथ गठबंधन करने में मदद मिलेगी।’’

राहुल गांधी के विरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि जिन्होंने उन्हें ‘‘पप्पू’’ कहकर चिढ़ाया, उन्हें यह पता होना चाहिए कि ‘‘उनकी भविष्यवाणी सही साबित हो गयी है’’ क्योंकि उन्होंने ही सबसे पहले कहा था कि केंद्र को कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए विवश होना पड़ेगा।

चौधरी ने कहा, ‘‘यह पहली बार नहीं है। कई मौकों पर राहुल गांधी सही साबित हुए हैं। चाहे कोविड-19 से निपटने का सरकार का तरीका हो, देशव्यापी लॉकडाउन हो, भारत-चीन मुद्दा हो या कृषि कानून हो। उन्होंने जनवरी में कहा था कि केंद्र को तीनों कानूनों को वापस लेने के लिए विवश होना पड़ेगा। वह सही थे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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