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बिहार में CM पद को लेकर BJP-JDU के बीच छिड़ी रार, बीजेपी ने दी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने की सलाह

By एस पी सिन्हा | Updated: September 9, 2019 20:30 IST

बीजेपी नेता संजय पासवान ने मुख्यमंत्री पद की ओर इशारा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को अब बिहार में भाजपा के लिए जगह छोड़ देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार 15 साल से हैं.

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ठळक मुद्देबिहार में एक तरफ जहां पोस्टर और चेहरे पर सियासत शुरू है. वहीं, सत्तारूढ़ दल एनडीए में तनाव देखने को मिल रहा है. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 की तैयारियां अभी से देखने को मिल रही हैं. बिहार में अभी एनडीए की सरकार है और भाजपा और जदयू इसके मुख्य घटक हैं, जिनके बीच वैसे तो सब ठीक लगता है.

बिहार में एक तरफ जहां पोस्टर और चेहरे पर सियासत शुरू है. वहीं, सत्तारूढ़ दल एनडीए में तनाव देखने को मिल रहा है. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 की तैयारियां अभी से देखने को मिल रही हैं. बिहार में अभी एनडीए की सरकार है और भाजपा और जदयू इसके मुख्य घटक हैं, जिनके बीच वैसे तो सब ठीक लगता है. लेकिन, दोनों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए अबतक एकमत नहीं है.  

एक तरफ जहां जदयू नीतीश कुमार पर दांव लगाना चाह रहा है तो भाजपा इस पर अभी चुप्पी साधे हुए है. इस बीच एनडीए के चेहरे को लेकर भाजपा विधान पार्षद संजय पासवान ने बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि नीतीश मॉडल नहीं अब नरेंद्र मोदी के चेहरे पर वोट मिलते हैं. संजय पासवान के मुताबिक नीतीश कुमार को अब केंद्र की राजनीति करनी चाहिए. 

संजय पासवान ने मुख्यमंत्री पद की ओर इशारा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को अब बिहार में भाजपा के लिए जगह छोड़ देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार 15 साल से हैं. लोगों ने लगातार उनका चेहरा देखा है. यहां उन्होंने अच्छा शासन किया है. 15 साल हो गया बहुत हो गया. अब नीतीश कुमार को अपने सेकंड लाइन लीडरशिप पर विचार करना चाहिए. 

संजय पासवान ने कहा है कि नीतीश कुमार को अब बिहार की गद्दी सुशील मोदी के हवाले कर देनी चाहिए. संजय पासवान ने यह भी कहा है कि 2015 में भाजपा-जदयू एकसाथ विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ी थी. यह स्थिति दोबारा भी हो सकती है. ऐसे में नया चेहरा क्या नया दल भी हो सकता है. 

उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों की सोच के बीच अंतर है. उनके मुताबिक दोनों में डिफरेंस है चाहे राम मंदिर का मुद्दा हो या कई मुद्दे. लोगों मे कंफ्यूजन है. इसलिए उप मुख्यमंत्री को पूरी तरह मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. जब नीतीश कुमार जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बना सकते हैं तो भाजपा को भी मौका मिलना चाहिए. राज्य में अब सुशील मोदी या नित्यानंद राय को मौका मिलना चाहिए. 

बता दें कि लोकसभा चुनाव में एनडीए को 40 में से 39 सीट पर जीत मिली थी. अपार जीत के बाद विधानसभा चुनाव में एनडीए की रणनीति आने वाले समय में ही पता चलेगी.  

वहीं, जदयू को संजय पासवान का यह बयान नागवार गुजरा है. जदयू ने इस पर पलटवार करते हुए कहा है कि पार्टी को किसी की नसीहत की जरूरत नहीं है. 

संजय पासवान के बयान का करारा जवाब देते हुए जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि संजय पासवान जी, आपका ज्ञान सुना, लेकिन आश्चर्य इस बात का हुआ कि 2015 में आपका यह ज्ञान कहां था? आपने बिल्कुल सही कहा है कि बिहार में नरेंद्र मोदी मॉडल चलेगा. बेशक चलेगा, लेकिन एक बार यह तो विचार कर लीजिए कि 2015 में क्या हुआ था? 

आगे उन्होंने कहा कि संजय पासवान जी, कोई कोर कसर छोड़ी गई थी क्या 2015 में लेकिन नतीजा क्या हुआ? बिहार की जनता ने अपने लोकप्रिय नेता नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में आस्था जताई और हर उपक्रम के बावूजद सामने कोई टिक न सका. तब आप कहाँ थे? संजय जी, सरकार का मॉडल जनता तय करती है नेता नहीं. नेता तो केवल नेतृत्व करता है, जनता का समर्थन उसे मिलता है. जिसे जनसमर्थन मिला देश की बागडोर उसके हाथों में और जिसके साथ बिहार की जनता वही राज्य सत्ता का नेतृत्व करेगा. जनता क्यूं करे विचार, जब हैं ही नीतीश कुमार. 

उन्होंने कहा कि संजय पासवान जी, आप खुद कितने घाट का पानी पीकर भारतीय जनता पार्टी में पहुंचे हैं यह सबको मालूम है. आप बेवजह बिना फीस किये वकील बन रहे हैं. आपसे किसी ने यह सलाह मांगी क्या की मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को कहां की सियासत करनी चाहिए? संजय पासवान जी, बिना मांगे सलाह देने वाले ज्ञानी को क्या कहा जाता है यह मालूम है ना आपको? बरसाती मेढक का हाल मानसून के बाद कोई नहीं लेता. आप बिन मांगी सलाह अपने पास रखिये. मुख्यमंत्री नीतिश कुमार जी की अहमियत आपकी पार्टी अच्छे से समझती है. संजय पासवान जी, जब तक बिहार की जनता चाहेगी तब तक बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार जी ही रहेंगे. आपके कहने या ना कहने से कुछ भी नहीं होता. नीतीश कुमार जी का कद जानना या समझना है तो आपको आपकी पार्टी के ही नेता बता देंगे.

बहरहाल, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए का चेहरा कौन होगा इसकी अभी तक घोषणा नहीं हुई है. लेकिन, जदयू के तरफ से बार-बार कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार ही इसबार भी एनडीए का चेहरा होंगे. जदयू ने तो इसको लेकर पोस्टर भी जारी कर दिया है. पार्टी की ओर से 1 सप्ताह के अंदर दो पोस्टर जारी किए गए हैं.

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