पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सूबे की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले लेकर कहा कि भाजपा कभी नहीं चाहती कि ओबीसी, अति पिछड़ा, दलित या आदिवासी समाज से आने वाला कोई ऐसा नेता मजबूत होकर खड़ा हो, जो सामाजिक न्याय की बात करता हो। गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सुनियोजित तरीके से जदयू को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि जनभावना सत्ता परिवर्तन के खिलाफ है, लेकिन भाजपा ने साजिश के तहत नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने की पूरी पटकथा पहले से तैयार कर रखी थी। उन्होंने याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान “2025 से 30 फिर से नीतीश” का नारा दिया गया था, लेकिन अब बिना किसी सार्वजनिक चर्चा के उन्हें पद से हटाया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय ही उनकी पार्टी लगातार कहती रही थी कि नीतीश कुमार को आगे कर भाजपा अपना लक्ष्य साध रही है। भाजपा और एनडीए के घटक दल जानते हैं कि किस प्रकार से तंत्र-मंत्र और पूरा सिस्टम लगाकर चुनाव हुआ। विधानसभा चुनाव के समय में भी हमने कहा था कि भाजपा के लोगों ने नीतीश कुमार को 'हाईजैक' कर लिया है और उन्हें दोबारा कुर्सी पर बैठने नहीं देंगे। हमने कहा था कि वे 6 महीने से ज्यादा कुर्सी पर नहीं रहेंगे। भाजपा जिसके साथ भी रही है उसे बर्बाद करने का काम किया है।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि महाराष्ट्र मॉडल की तर्ज पर बिहार में भी भाजपा अपनी सहयोगी पार्टी को कमजोर कर अंततः खुद की सरकार बनाने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि भाजपा की रणनीति पहले सहयोगी दलों को कमजोर करने और फिर उन्हें राजनीतिक रूप से समाप्त करने की रही है। तेजस्वी यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य राज्यों में भी सहयोगी दलों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया गया।
तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक, महाराष्ट्र में शिवसेना, पंजाब में अकाली दल को इसी तर्ज पर भाजपा ने खत्म करनी साजिश रची। अब उसी तरह जदयू को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। ओडिशा और मध्य प्रदेश में भी भाजपा ने रबर स्टाम्प मुख्यमंत्री बना रखा है।
उसी तरह बिहार में भाजपा ने नीतीश कुमार और जदयू को हटाकर करने की तैयारी कर ली है। तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा कई राज्यों में ऐसे मुख्यमंत्री चुनती है जो भले ही ओबीसी समाज से हों, लेकिन उनसे सिर्फ ‘रबर स्टैम्प’ की तरह काम लिया जाता है। तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर राजद और महागठबंधन की सरकार बनी रहती तो शायद यह स्थिति नहीं आती।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लिए नीतीश कुमार ने जो काम किया है, उसके लिए वे उन्हें धन्यवाद देते हैं और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि ये जो सत्ता परिवर्तन हो रहा है, ये जन भावनाओं के खिलाफ है। लोग भाजपा के चाल-चरित्र को जानते हैं। हमने नीतीश कुमार के साथ भी काम किया है, लेकिन ज्यादातर हम विपक्ष में गए थे।
28 जनवरी 2024 में जब वे(जदयू) हमारा साथ छोड़कर गए थे, तब भी हमने कहा था कि भाजपा जो है वो उन्हें समाप्त करेगी। लेकिन भाजपा जो 400 सीटों की बात करती थी, उसके अनुसार उनका नतीजा नहीं आया, इसलिए इसमें 1 साल की देरी हो गई।
नहीं तो वे पहले ही उन्हें(जदयू) खत्म कर देतेो। तेजस्वी यादव ने कहा कि महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे को आगे करके भाजपा ने अपना मुख्यमंत्री बनाया। उसी नीति को उन्होंने यहां भी रिफाइंड तरीके से लागू किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जिस तरह से उनकी जीत हुई है, धनतंत्र की, मशीन तंत्र की जीत हुई है।