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शरद यादव के बहाने कुशवाहा ने जदयू के बड़े नेताओं पर साधा निशाना, कहा-जिन लोगों को संघर्ष कर बढ़ाया, अंत समय में बात करना छोड़ा

By एस पी सिन्हा | Updated: January 14, 2023 17:20 IST

जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी इनके निधन पर शोक व्यक्त करते देश के सियासत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

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ठळक मुद्देनेताओं पर इशारों ही इशारों में बड़ा आरोप लगाया है। शरद यादव के वजह से जो लोग राष्ट्रीय स्तर के बड़े-बड़े पद पर गए। लोगों ने शरद यादव के अंत समय में उनसे बात करना तक छोड़ दिया था।

पटनाः बिहार की राजनीति में किंग मेकर की भूमिका निभाने वाले शरद यादव के निधन से राज्य के सियासी गलियारों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। राज्य के तमाम छोटे-बड़े नेता इनको याद कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी इनके निधन पर शोक व्यक्त करते देश के सियासत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

 

इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के नेताओं पर इशारों ही इशारों में बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि शरद यादव ने संघर्ष के दौरान जिन लोगों को बनाया, शरद यादव के वजह से जो लोग राष्ट्रीय स्तर के बड़े-बड़े पद पर गए। वैसे लोगों ने शरद यादव के अंत समय में उनसे बात करना तक छोड़ दिया था। आज जब उनका अंत हुआ वो बेहद दुखद है। 

उपेंद्र कुशवाह के इस संदेश के बाद लोग इसके सियासी मायने भी निकालने लगे हैं। लोगों पूछने लगे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा किन नेताओं की तरफ इशारा कर रहे हैं। जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा है कि, शरद यादव के निधन की बेहद दुखी खबर रात में ही मिली। उनके निधन से इतना बड़ा नुकसान हुआ है। इतनी बड़ी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई कोई भी नहीं कर सकता है।

शरद यादव देश में सामाजिक न्याय के एक केंद्र बन गए थे। इनके अलावा कोई दूसरा केंद्र ही नहीं बचा था। दिल्ली से यही निर्देश देते थे तो सामाजिक न्याय की गतिविधि चलती थी। आज उनके जाने के बाद वह केन्द्र ही समाप्त हो गया है। इससे बड़ा नुकसान कुछ नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि शरद यादव जैसे समाजवादी नेता बार-बार जन्म नहीं लेते हैं और उनकी जगह भी कोई नहीं ले सकता है।

उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि शरद यादव जीवन भर दलितों के लिए वंचितों के लिए संघर्ष करते रहे और उनका अंत जिस रूप में हुआ। हाल के दिनों में जिस तरह से मानसिक स्थिति उनकी बन गई थी। इसका कारण है कि राजनीतिक रूप से उन्होंने जिन लोगों को संघर्ष कर बढ़ाया वैसे लोग ही उनसे अंतिम समय में बात करना छोड़ दिए थे।

कुशवाहा ने कहा कि शरद यादव इस बात से हमेशा परेशान रहते थे कि पिछले कुछ दिनों से उनका समाचार लेने वाला कोई नहीं है। निधन के पहले उनकी जो मानसिक हालत थी वो बेहद दुखद थी। भगवान किसी राजनीतिक को ऐसा अंत न दे।

टॅग्स :उपेंद्र कुशवाहाबिहारनीतीश कुमारतेजस्वी यादव
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