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कार्तिकेय सिंह अब सम्भालेंगे गन्ना मंत्रालय, नीतीश-तेजस्वी सरकार में कानून मंत्री बनाने पर हुआ था विवाद

By शिवेंद्र राय | Updated: August 31, 2022 13:20 IST

राजद के एमएलसी और बिहार सरकार में मंत्री कार्तिकेय सिंह और 17 अन्य के खिलाफ अपहरण का मामला साल 2014 में पटना के बिहटा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। कार्तिकेय सिंह को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था। अब कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह को पद से हटाते हुए उन्हें गन्ना उद्योग विभाग का मंत्री बनाया गया है।

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ठळक मुद्देकार्तिकेय सिंह को बाहुबली अनंत सिंह का बेहद करीबी माना जाता हैकार्तिकेय सिंह को गन्ना उद्योग विभाग का मंत्री बनाया गया हैशमीम अहमद को कानून विभाग का प्रभार सौंप दिया गया है

पटना: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्तिकेय सिंह से कानून मंत्रालय वापस ले लिया है। बाहुबली अनंत सिंह के करीबी माने जाने वाले  कार्तिकेय सिंह को पद से हटाते हुए अब उन्हें गन्ना उद्योग विभाग का मंत्री बनाया गया है। अपहरण के एक पुराने मामले में आरोपी कार्तिकेय सिंह को लेकर भाजपा पहले दिन से ही हमलावर थी। हालांकि कार्तिकेय सिंह के मंत्री पद पर कोई आंच नहीं आई है। सिर्फ उनके विभाग में बदलाव किया गया है। कार्तिकेय सिंह की जगह अब गन्ना उद्योग मंत्री शमीम अहमद को कानून विभाग का प्रभार सौंप दिया गया है। इस संबंध मे आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। 

क्या था विवाद

भाजपा का साथ छोड़कर नीतीश कुमार ने राजद के साथ बिहार में सरकार बनाई थी। नई सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार 16 अगस्त को हुआ था। इस दौरान राजद कोटे से मंत्री बनने वाले कार्तिकेय सिंह के शपथ को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्तिकेय सिंह को अपहरण के एक मामले में 16 अगस्त को अदालत में आत्मसमर्पण करना था लेकिन वह नई सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेते देखे गए। 

कार्तिकेय सिंह और 17 अन्य के खिलाफ अपहरण का मामला साल 2014 में पटना के बिहटा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। कार्तिकेय सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यापारी को अगवा किया था। मोकामा के रहने वाले कार्तिकेय सिंह राजद के एमएलसी हैं और पेशे से शिक्षक हैं। कार्तिकेय सिंह को बाहुबली अनंत सिंह का बेहद करीबी माना जाता है। व्यापारी अपहरण मामले में कार्तिकेय सिंह के साथ अनंत सिंह भी सह आरोपी भी हैं।

कार्तिकेय सिंह को लेकर नीतीश कुमार पर राजद और तेजस्वी यादव के सामने आत्मसमर्पण करने के भी आरोप लगे। कहा गया कि राजद के साथ गठबंधन में नीतीश कुमार के हाथ में कोई ताकत नहीं है। सारे फैसले लालू यादव और तेजस्वी कर रहे हैं। अब इस फैसले को नीतीश कुमार के एक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि अभी भी फैसले लेने की शक्ति मुख्यमंत्री के हाथ में ही है।

बिहार सरकार के एक और मंत्री  सुधाकर सिंह पर भी 2013 में करोड़ों रुपये के चावल का गबन करने का आरोप लगा है। सुधाकर सिंह फिलहाल कृषि मंत्री भी हैं। हालांकि, सुधाकर सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया है। सुधाकर सिंह भी राजद कोटे से मंत्री हैं। वह राजद के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे हैं। सुधाकर सिंह बक्सर की रामगढ़ सीट से विधायक हैं।

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