पटना:बिहार में राज्यसभा के पांच सीटों के लिए हो रहे चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। दोनों प्रमुख गठबंधन की पार्टियां अपने अपने हिसाब से संख्याबल सेट करने में जुट गईं हैं। इस बीच एनडीए में शामिल हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख एवं केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा को उसके पुराने वादे की याद दिलाई है। पटना में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान राज्यसभा की सीट के लिए नाराजगी की बातों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि मैं नाराज नहीं हूं, लेकिन सिर्फ इतना कहता हूं कि हमको कहा गया था कि लोकसभा की दो सीट और राज्यसभा की एक सीट दी जाएगी। इसे पत्थर की लकीर कहा गया था, लेकिन लोकसभा की सिर्फ एक सीट मिली। हम धन्यवाद देते हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कि हमको एक सीट दिए।
मांझी ने कहा कि गया के मतदाताओं को भी धन्यवाद देते हैं जिन्होंने मुझे चुन लिया। आज एक बड़े मंत्रालय का मंत्री भी मैं हूं। लेकिन जहां तक राज्यसभा की सीट का सवाल है, मैं उनसे नहीं मांगूंगा कि हमको राज्यसभा की सीट दीजिए, लेकिन आपने कहा था, आप अपने वचन के आधार पर सोचिए। अगर देना चाहें तो ठीक और नहीं देना चाहें तो भी ठीक लेकिन आपने वादा किया था, इसको हमेशा कहते रहेंगे।
बता दें कि राज्यसभा चुनाव में बिहार की पांच सीटें अहम मानी जा रही हैं। पांच सीटों पर एनडीए के तीन और महागठबंधन के दो सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसी बीच जीतन राम मांझी ने एक सीट को लेकर एनडीए नेतृत्व को लगातार पुराने वादे की याद दिला रहे हैं। बिहार से जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें रामनाथ ठाकुर, हरिवंश नारायण सिंह, उपेंद्र कुशवाहा, प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्रधारी सिंह शामिल हैं। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार एनडीए के पास 202 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए 41 वोट आवश्यक हैं।
ऐसे में सभी पांच सीटें जीतने के लिए 205 विधायकों का समर्थन जरूरी होगा। दूसरी ओर महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। यदि एआईएमआईएम के 5 और बहुजन समाज पार्टी के 1 विधायक समर्थन देते हैं तो विपक्ष एक सीट जीतने की स्थिति में आ सकता है। तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी इस दिशा में सक्रिय बताई जा रही है। हालांकि एआईएमआईएम ने भी अपनी शर्तें रखी हैं। सूत्रों के मुताबिक एनडीए के भीतर दो सीटें भाजपा, दो जदयू और एक सीट सहयोगी दल को देने के फार्मूले पर चर्चा चल रही है। सहयोगी दलों में राज्यसभा की सीट को लेकर मंथन जारी है।