लाइव न्यूज़ :

बिहार: खगड़िया जिले में पुल गिरने को लेकर पटना हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, सरकार से मांगा हलफनामा

By एस पी सिन्हा | Updated: June 21, 2023 15:54 IST

पटना हाईकोर्ट में खगड़िया और भागलपुर जिले को जोड़ने के लिए अगुवानी घाट पर गंगा नदी में 1700 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त होने के मामले में सुनवाई हुई।

Open in App
ठळक मुद्देपटना हाईकोर्ट में अगुवानी घाट पर गंगा नदी में ध्वस्त हुए निर्माणाधीन पुल के केस में हुई सुनवाईकोर्ट ने राज्य सरकार की तमाम कार्रवाईयों का ब्यौरा देते हुए विस्तृत हलफनामा मांगा 1700 करोड़ रुपए की लागत वाले ध्वस्त निर्माणाधीन पुल का शिलान्यास नीतीश कुमार ने किया था

पटना: बिहार में खगड़िया और भागलपुर जिले को जोड़ने के लिए अगुवानी घाट पर गंगा नदी में बन रहे निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त होने के मामले में पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को ओर से लिए जा सके एक्शन समेत तमाम कार्रवाईयों का ब्यौरा देते हुए विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। पुल के गिरने पर दो जनहित याचिकाएं दाखिल की गई थीं।

इस पर बुधवार को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार ने हाईकोर्ट से जवाब के लिए समय मांगा। हाईकोर्ट ने सरकार को 6 हफ्ते का वक्त दिया है। अब इस मामले में 12 अगस्त को सुनवाई होगी। अधिवक्ता मणिभूषण सेंगर व ललन कुमार की याचिकायों मुख्य न्यायाधीश केवी चंद्रन की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए निर्माण कंपनी एसपी सिंगला को पार्टी बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने एसपी सिंगला कंपनी के एमडी एस पी सिंगला को भी उपस्थित रहने के लिए कहा।

इससे पूर्व न्यायाधीश पूर्णेन्दु सिंह की सिंगल बेंच ने ग्रीष्मावकाश के दौरान याचिका पर सुनवाई की थी। इस मामले में अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर एवं ललन कुमार ने अपनी जनहित याचिका में कहा कि भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण सामग्री और निर्माण कंपनी के घटिया कार्य से यह पुल दोबारा टूटा है। यह पुल 1700 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा था। उन्होंने इस याचिका में कहा है कि इस मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने या न्यायिक जांच कराने की मांग की थी।

उल्लेखनीय है कि सुल्तानगंज अगुवानी घाट पुल के गिरे 15 दिन बीत गए। आईआईटी रुड़की ने पुल के 10, 11 और 12 नंबर पिलर के डैमेज होने और 9 से 13 नंबर पिलर के बीच के सेगमेंट के गिरने के संबंध में जो रिपोर्ट पुल निर्माण निगम को सौंपी है, उसमें निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला पर आंच आती नहीं दिख रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक अलग से ढाले गए सेगमेंट को पिलर पर चढ़ाने के क्रम में स्ट्रेचिंग के दौरान लोड बढ़ जाने से (डिजाइन में फॉल्ट) पुल के सेगमेंट धराशायी हुए पिलर डैमेज हुए। इसके पहले 30 अप्रैल 2022 को पिलर नंबर 4 और 5 के बीच के सेगमेंट धाराशायी हुए थे। उस समय भी आईआईटी रुड़की ने गिरने का यही कारण बताया था।

टॅग्स :बिहारPatna High Courtनीतीश कुमार
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

क्राइम अलर्टडंडा और रॉड से हमला कर पत्नी फूल कुमारी दास, 3 बच्चे ह्रदय दास, संध्या दास और सोन दास को मार डाला, चंदनपट्टी गांव से दिल दहला देने वाली घटना

भारतशिविर में कुल 67 शिकायत, 30 दिन में करें समाधान नहीं तो 31वें दिन निलंबित?, रेफर नीति अपनाई तो सिविल सर्जन और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई?, सम्राट चौधरी ने दी चेतावनी

भारतबाप नीतीश कुमार-बेटे निशांत को डॉक्टर की जरूरत, स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया?, पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन का फूटा गुस्सा, वीडियो

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार