Bihar Bypolls Chunav seat 2024 Dates: मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों के साथ-साथ बिहार की इमामगंज, रामगढ़, बेलागंज, तरारी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखें घोषित कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, बिहार की चारो विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होगा और 23 नवंबर को वोटो की गिनती होगी। 18 अक्टूबर अधिसूचना जारी होगी। 25 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा, जदयू, राजद और भाकपा- माले के अलावा प्रशांत किशोर की नवोदित पार्टी जनसुराज ताल ठोकने की तैयारी में है।
बता दें कि चारों सीटों पर साल 2020 में चुने गए विधायक इस साल हुए लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए हैं। जिस वजह से यहां उपचुनाव कराए जा रहे हैं। इन सीटों के राजद के सुधाकर सिंह, सुरेंद्र यादव, भाकपा-माले के सुदामा प्रसाद और हम के जीतन राम मांझी ने पिछले लोकसभा चुनाव में बक्सर, जहानाबाद, आरा और गया चुनाव लड़ा और सांसद बने हैं।
ऐसे में बिहार में होने वाला उपचुनाव काफी रोचक होने वाला है क्योंकि चारों विधानसभा सीटों पर अब तक महागठबंधन के विधायक रहे हैं, जो सभी सांसद बन चुके हैं। अब इस सीट पर भाजपा, जदयू, राजद, भाकपा- माले के साथ ही प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज किस्मत आजमाने वाली है। प्रशांत किशोर पहले ही एक सभा में कह चुके हैं कि चारों सीटों पर उम्मीदवार उतारूंगा।
यह उपचुनाव सबसे ज्यादा राजद के लिए चुनौतीपूर्ण है। राजद के पास चार में से दो सीटें थी। लालू-तेजस्वी की कोशिश है कि इस बार भी उनके दल का यह कब्ज बरकरार रहे। राजद की ओर से रामगढ़ सीट को लेकर मंथन जारी है। राजद के बिहार प्रदेश के अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह ने बक्सर से लोकसभा का चुनाव जीता जिस कारण यहां उप चुनाव हो रहा है।
जगदानंद सिंह इस सीट पर अपने परिवार का कब्जा बरकरार रखना चाहते हैं। माना जा रहा है कि जगदानंद सिंह के छोटे बेटे अजीत सिंह राजद उम्मीदवार हो सकते हैं। बेलागंज की सीट से राजद के बाहुबली नेता सुरेन्द्र यादव के जहानाबाद से लोकसभा चुनाव जीतने के कारण यहां उपचुनाव होना है।
माना जा रहा है कि सुरेन्द्र यादव के बेटे बैद्यनाथ यादव को राजद टिकट दे सकती है। तेजस्वी यादव रामगढ़ और बेलागंज दोनों सीटों पर ठोस रणनीति के साथ उतरने की कोशिश करेंगे, जिससे राजद का कब्जा बना रहे। वहीं महागठबंधन को एक और सीट पर कब्जा जमाने के चुनौती है।
तरारी विधानसभा सीट से भाकपा के सुदामा प्रसाद विधायक थे। वे अब काराकाट से सांसद हो चुके हैं। ऐसे में यहां से भाकपा-माले की ओर से राजू यादव को उम्मीदवार बनाये जाने की चर्चा है। वहीं तेजस्वी यादव भी चाहेंगे कि इस सीट पर जीत हासिल कर महागठबंधन की ताकत दिखाएं।
इमामगंज सीट पर राजद के ही उम्मीदवार उतारने की संभावना है। यहां से जीतन राम मांझी विधायक थे जो अब केंद्र में मंत्री हैं। अगर चार में से तीन सीटों पर राजद के उम्मीदवार उतरते हैं तो सबसे बड़ी प्रतिष्ठा की लड़ाई तेजस्वी यादव के लिए होगी।