लाइव न्यूज़ :

भीमा कोरेगांव हिंसाः सड़क के बाद सोशल मीडिया पर घमासान, यूज़र ने लिखा- मुंबई किसी के बाप की नहीं

By रामदीप मिश्रा | Updated: January 2, 2018 18:39 IST

महाराष्ट्र के कई शहरों में मंगलवार को दलित संगठन से जुड़े लोगों ने पुणे हिंसा को लेकर 'रास्ता रोको' प्रदर्शन किया।

Open in App

महाराष्ट्र के पुणे जिले में भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200 बरसी पर हुई हिंसा हो गई, जिसके बाद राज्य के कई इलाकों में उपद्रवियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और कई को आग के हवाले कर दिया। हिंसा का असर पुणे सहित कई इलाकों में फैल गया और मुंबई में मंगलवार (दो जनवरी) को दलित संगठन से जुड़े लोगों ने पुणे हिंसा को लेकर 'रास्ता रोको' प्रदर्शन किया। दलित प्रदर्शनकारी इस घटना के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं, इस घटना को लेकर ट्विटर पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और नई साल में हुए इस उपद्रव को लेकर राज्य सरकार को भी आड़े हाथ ले रहे हैं। 

 @saidasanik नामक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया , "भारत में नया साल पुणे में हुए  दो जातियों के बीच आंदोलन से शुरू हुआ है और उम्मीद है आगे भी कई आएंगे। हम सभी को हमारे भगवान, जाति और इतिहास के नाम पर लड़ना पसंद है। कोई फर्क नहीं पड़ता है कि हम किस में हैं।"

एक यूजर ने लिखा कि कांग्रेस ने अपना पुराना जातिवाद का कार्ड खेलना शुरू कर दिया है , यही वज़ह है कि आज तक हमारे देश से जातिवाद खत्म नहीं हुआ।एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि मुंबई किसी के बाप की नहीं है। महाराष्ट्र बंद सिर्फ एक बकवास है। जागो सरकार।

मैं इंकलाब लिखूंगा तुम चन्द्रशेखर समझ लेना। मैं लिखूं जिग्नेश तो तुम क्रांतिकारी समझ लेना। और जो बजायेगा 2019 में साहब का बाजा उसे भीम समाज समझ लेना।सवर्ण मानसिकता वाले मनुवादी, इस देश को ग्रह युद्ध की तरफ ले जा रहे हैं, इतनी जलन, इतनी ईर्ष्या शायद ही दुनिया में कोई किसी से करता हो जितनी ये जातिवादी आतंकवादी, दलितों की उन्नति से करते हैं।  इस हिंसा को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से अपील की है कि वह शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही कोरेगांव हिंसा की न्यायिक जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी जाएगी और मौत के मामले में सीआईडी जांच होगी। 

हिंसा के विरोध में आठ दलित संगठनों ने बुधवार को महाराष्ट्र बंद की घोषणा की है। साथ ही मुंबई के थाणे में रिपब्लिकन पार्टी और इंडिया के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं,  सुरक्षा के मद्देनजर 100 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और पुणे ग्रामीण व औरंगाबाद के कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है।

टॅग्स :भीमा कोरेगांवदलित विरोधमुंबईलोकमत हिंदी समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

क्रिकेटकौन थे अनिल गुरव?, दोस्तों के बीच ‘मुंबई के विवियन रिचर्ड्स’ के नाम से थे मशहूर

भारत अधिक खबरें

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां