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बाबरी मस्जिद विध्वंसः RSS ने किया स्वागत, सुरेश भैयाजी जोशी ने ट्वीट कर कही ये बात

By भाषा | Updated: September 30, 2020 15:39 IST

आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा, ‘‘सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा विवादास्पद ढांचे के विध्वंस मामले में आरोपित सभी दोषियों को ससम्मान बरी करने के निर्णय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वागत करता है।’’

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ठळक मुद्देसभी वर्गों को परस्पर विश्वास और सौहार्द के साथ एकजुट होकर देश समक्ष आने वाली चुनौतियों का सामना करना चाहिए।केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा सभी 32 आरोपियों को बरी किए जाने का बुधवार को स्वागत किया।आरएसएस और उसके आनुषंगिक संगठनों मसलन विश्व हिन्दू परिषद ने राम मंदिर आंदोलन को देश भर में खड़ा करने में व्यापक भूमिका निभाई थी।

नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा सभी 32 आरोपियों को बरी किए जाने का बुधवार को स्वागत किया।

आरएसएस ने एक बयान जारी कर देशवासियों से अपील की कि इस फैसले के बाद समाज के सभी वर्गों को परस्पर विश्वास और सौहार्द के साथ एकजुट होकर देश समक्ष आने वाली चुनौतियों का सामना करना चाहिए। आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा, ‘‘सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा विवादास्पद ढांचे के विध्वंस मामले में आरोपित सभी दोषियों को ससम्मान बरी करने के निर्णय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वागत करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस निर्णय के उपरांत समाज के सभी वर्गों को परस्पर विश्वास और सौहार्द के साथ एकजुट होकर देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए राष्ट्र को प्रगति की दिशा में ले जाने के कार्य में जुट जाना चाहिए।’’ मालूम हो कि आरएसएस और उसके आनुषंगिक संगठनों मसलन विश्व हिन्दू परिषद ने राम मंदिर आंदोलन को देश भर में खड़ा करने में व्यापक भूमिका निभाई थी।

सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह सहित कुल 32 आरोपी थे।

विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी।

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