पटनाः बिहार के भागलपुर में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी और उपसभापति के पति रामधनी यादव को एनकाउंटर में मार गिराया, जिसके बाद बिहार की राजनीति में वार और पलटवार तेज हो गई है। पुलिस की इस कार्रवाई पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “सम्राट की पराक्रमी सेना के सामने तो सिकंदर महान ने भी घुटने टेक दिए थे, तेजस्वी यादव गैंग की क्या हैसियत।
यह नया बिहार है, यहां गोली का जवाब तोप से दिया जाएगा।” उन्होंने भागलपुर पुलिस की कार्रवाई की सराहना भी की। वहीं, दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने इस पूरे मामले को लेकर बिहार की एनडीए सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला।
उन्होंने सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि एनकाउंटर में मारा गया रामधनी यादव सत्ता पक्ष के नेताओं के करीब था। तेजस्वी यादव ने एक्स पर दो तस्वीरें शेयर की है। पहली तस्वीर में मारा गया कुख्यात रामधनी यादव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ दिख रहा है तो वहीं दूसरी तस्वीर में लोजपा (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ नजर आया है।
तेजस्वी ने एक्स पर तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, “भागलपुर में सरकारी अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गाने “मारब सिक्सर की 6 गोली छाती में” से प्रेरित सुशासनी अपराधी, भाजपा संरक्षित गुंडा व एनडीए नेता रामधनी यादव है। यह अपराधी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और कई केंद्रीय मंत्रियों का नजदीकी है।
जंगलराज का बेसुरा राग अलपाने वाले लोग अब हत्यारे एनडीए नेता के बारे में क्या कहेंगे? इससे पहले तेजस्वी यादव ने वारदात का सीसीटीवी फुटेज एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “डबल इंजन पावर्ड सुशासनी गुंडे सरकारी दफ्तर में घुसकर सरकारी अधिकारी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर देते है।ट
21 साल से सत्ता में बैठे नकारे निकम्मे डबल स्टैंडर्ड के डबल फेस्ड सरकारी गुंडे अपने निजी गुंडों का बचाव करने के लिए अतार्किक गुंडई भाषा का प्रयोग कर 21 साल के कुकर्मों को ढकने का प्रयास करते है। यही दोहरे चरित्र के सत्ताधारी गुंडे बिहार और बिहारी अस्मिता के सबसे बड़े दुश्मन है।
सरकारी अधिकारी की सरकारी कार्यालय में हुई हत्या पर सत्ता में बैठे गुंडे चुप क्यों है? क्या मुख्यमंत्री और दो-दो उपमुख्यमंत्री सरकारी हत्यारों की जाति खोजने में व्यस्त है या फिर आरोपियों को पाताल से खोजने वाले अपने उसी “घिसे-पिटे- आउटडेटेड-नीरस डायलॉग” की जुगाली करेंगे?”
ऐसे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ उसकी तस्वीर वायरल होने के बाद मामला और भी गहरा गया है। इस घटना के बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक तरफ जहां सरकार पुलिस कार्रवाई को सख्ती का उदाहरण बता रही है, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।