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असम कैबिनेट बैठकः स्थानीय निकाय चुनावों में मतपत्रों को ईवीएम से बदलने को मंजूरी, व्यापार लाइसेंस भी खत्म

By अनिल शर्मा | Updated: March 8, 2022 12:05 IST

असम कैबिनेट की बैठक के फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि गुवाहाटी नगर निगम चुनावों में अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने, भूमि प्रीमियम दरों में संशोधन, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून लागू करने वालों को सशक्त बनाने और पारदर्शिता से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

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ठळक मुद्देअसम मंत्रिमंडल ने सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में बैठक कीकैबिनेट ने गुवाहाटी नगर निगम चुनावों में कागजी मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी

गुवाहाटीः असम मंत्रिमंडल ने सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई बैठक में गुवाहाटी नगर निगम चुनावों में कागजी मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। असम सरकार ने यह भी कहा कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत कुछ श्रेणियों को छोड़कर, वाणिज्यिक संस्थानों के संचालन के लिए अब व्यापार लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।

असम कैबिनेट की बैठक के फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि गुवाहाटी नगर निगम चुनावों में अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने, भूमि प्रीमियम दरों में संशोधन, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून लागू करने वालों को सशक्त बनाने और पारदर्शिता से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

असम सीएम सरमा द्वारा ट्वीट किए गए बुलेटिन में लिखा है, "चुनाव में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम के साथ मतपत्रों को बदलने के लिए गुवाहाटी नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी।"

असम सीएम ने बुलेटिन साझा करते हुए ट्वीट में लिखा- "आज के असम मंत्रिमंडल में हमने अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने, भूमि प्रीमियम दरों में संशोधन, व्यवसाय करने में आसानी, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून लागू करने वालों को सशक्त बनाने, नाबार्ड से ऋण लेने, जीएमसी चुनावों में पारदर्शिता आदि से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

इन व्यवसाय को छोड़कर किसी भी व्यापार के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता नहीं

राज्य में व्यापार करने की पद्धति को आसान बनाते हुए असम मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि किसी भी व्यावसायिक संस्थान को चलाने के लिए किसी भी व्यापार लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी, सिवाय ईंट भट्टों, शराब की दुकानों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य उद्योगों को छोड़कर जो भारी प्रदूषण उत्पन्न करते हैं।

बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि राजस्व शहर की अवधारणा को समाप्त कर दिया गया है। बुलेटिन में लिखा गया कि "जिला मुख्यालय और कुछ अन्य महत्वपूर्ण कस्बों को छोड़कर, सभी राजस्व कस्बों को भू-राजस्व के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों के रूप में माना जाएगा, जबकि अन्य सभी कस्बों की परिधि को ग्रामीण क्षेत्रों के रूप में माना जाएगा और भूमि प्रीमियम और ग्रामीण क्षेत्रों की अधिसूचित दरें अन्य शुल्क के अनुसार तय किया जाएगा।

कैबिनेट ने सोमवार को कामगारों की काम करने की स्थिति और सुरक्षा को सुरक्षित करने के लिए "असम व्यावसायिक सुरक्षा, स्वस्थ और काम करने की स्थिति नियम, 2022" को भी मंजूरी दे दी।

टॅग्स :हेमंत विश्व शर्माअसमGuwahati
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