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क्या लड़के, लड़कियों से होते हैं ज्यादा स्मार्ट? सामने आई स्टडी से निकला यह नतीजा

By आकाश चौरसिया | Updated: April 29, 2024 16:09 IST

यह रिसर्च 20 नवजात शिशुओं के ऊपर की गई थी और जो शिशु 13 से 59 दिनों के बीच पैदा हुए थे, शोधकर्ताओं द्वारा 43 तीसरी-तिमाही के भ्रूणों की जांच की गई।

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नई दिल्ली: लड़कों से ज्यादा स्मार्ट लड़की हैं क्या,  यह मुद्दा वैश्विक रूप से काफी चर्चा में रहता है क्योंकि इस पर बात शुरू हुई तो खत्म नहीं हो सकती, लेकिन एक रिपोर्ट में कई रहस्मय खुलासे हुए हैं। इससे तस्वीर कुछ और सामने निकलकर के आई है। आज इस पर हम बात करने जा रहे हैं क्योंकि इससे जुड़े तथ्य को एक रिपोर्ट ने पेश किया। आइए ऐसे में जानते हैं कि आखिर इसके पीछे की बड़ी वजह क्या रही है। फिलहाल ये भी बता दें कि इस रिसर्च को जर्मनी के ट्यूबिंगन विश्वविद्यालय ने कराया है।

इस अध्ययन के दौरान, शोधकर्ताओं ने मैग्नेटोएन्सेफलोग्राफी नामक एक इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके ध्वनि उत्तेजनाओं के लिए भ्रूण और शिशुओं में मस्तिष्क की विद्युत धाराओं द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र को मापा है। यह रिसर्च 20 नवजात शिशुओं के ऊपर की गई थी और इन शिशुओं के 13 से 59 दिनों तक पैदा हुए थे, शोधकर्ताओं द्वारा 43 तीसरी-तिमाही के भ्रूणों की जांच की गई। 

प्रेगनेंट महिलाओं और एमईजी सेंसर्स के बीच हुई बातचीत में बैलून साउंड के जरिए आने वाली आवाज का भी पता लगाया, जिसमें ये बात निकलर के सामने आई। डेटा विश्लेषकों के मुताबिक, नवजात शिशु और भ्रूण में न्यूरोलॉजिकल सिस्टम के विकसित होने के बारे में पता किया, तो पाया कि इस सिस्टम के स्थापित होने में लड़कियों के दिमाग में सिग्नल मिलने पर कमी आती है, जबकि लड़कों में इसी सिस्टम का सिग्नल जल्दी पकड़ लेता है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, दिमाग में पैदा हुई जटिलता के कम और ज्यादा विकसित होने के बारे में बात रिसर्च के दौरान की गई। रिसर्च की मानें तो लोगों के दिमाग में जटिलताओं के साथ निर्णय लेने और उत्तम काम करने की क्षमता देखी गई। ये भी पाया गया कि अच्छा निर्णय लिया गया। 

हालांकि, दिमाग में आने वाली जटिलताओं वहां से शुरू होती हैं, जहां दिमाग में सूचना का संचार होना ही पूरा समाप्त हो जाता है, जैसे किसी भी व्यक्ति को एनेस्थिसिया और जब जल्दी नींद नहीं आती है। 

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